होम राज्य उत्तर प्रदेश बिल्सी में बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट प्रतियोगिता में नन्हे-मुन्नों ने दिखाई रचनात्मक...

बिल्सी में बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट प्रतियोगिता में नन्हे-मुन्नों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा,

बिल्सी। बाबा इंटरनेशनल स्कूल, बिल्सी में बुधवार, 19 अगस्त 2026 को कक्षा पीजी से केजी तक के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों के लिए ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ प्रतियोगिता का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, कल्पनाशीलता, नवाचार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता की भावना विकसित करना रहा।

प्रतियोगिता के दौरान नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति और सृजनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों ने घर एवं आसपास आसानी से उपलब्ध बेकार और अनुपयोगी वस्तुओं को आकर्षक एवं उपयोगी रूप प्रदान किया। विद्यार्थियों ने पुराने डिब्बों, कागज, प्लास्टिक की बोतलों, कार्डबोर्ड, आइसक्रीम स्टिक, कप, अखबार सहित विभिन्न अनुपयोगी सामग्री का प्रयोग कर सुंदर कलाकृतियां एवं उपयोगी वस्तुएं तैयार कीं।

नन्हे-मुन्नों की रंग-बिरंगी और आकर्षक प्रस्तुतियों ने विद्यालय में मौजूद सभी लोगों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों में अपनी बनाई हुई वस्तुओं को प्रस्तुत करने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। कम उम्र के बावजूद विद्यार्थियों ने जिस आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच का परिचय दिया, उसकी सभी ने सराहना की।

विद्यालय के डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय एवं निदेशिका साधना वार्ष्णेय ने प्रतियोगिता में शामिल सभी विद्यार्थियों के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ यह संदेश भी दिया है कि रचनात्मक सोच और थोड़ी-सी कल्पनाशक्ति के माध्यम से बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं को भी उपयोगी और सुंदर बनाया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय की प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के सृजनात्मक कौशल को निखारने के साथ उनके आत्मविश्वास, समस्या-समाधान की क्षमता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा कि अनुपयोगी वस्तुओं को सीधे कूड़े में फेंकने के बजाय उनके पुनः उपयोग की आदत विकसित करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि बचपन से ही बच्चों को री-यूज और रीसाइक्लिंग के महत्व की जानकारी दी जाए तो उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों के लिए सीखने के साथ-साथ अपनी कल्पनाशक्ति को अभिव्यक्त करने का बेहतर माध्यम भी हैं।

कार्यक्रम के अवसर पर विद्यालय प्रशासक अमित माहेश्वरी सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। विद्यालय परिवार की ओर से सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here