
बिल्सी। प्राचीन गौशाला रामलीला कमेटी की नई कार्यकारिणी का गठन होते ही नगर में इसकी चर्चा शुरू हो गई है। वजह है इस बार पदाधिकारियों की लंबी-चौड़ी फौज। नई कार्यकारिणी को देखकर लोग चुटकी लेते हुए कह रहे हैं कि इस बार कमेटी में भी “नया प्रयोग” कर दिया गया है और पदों का बंटवारा मानो रेवड़ी की तरह हुआ है।
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि जहां अब तक एक अध्यक्ष मेले की कमान संभालता था, वहीं इस बार दो-दो अध्यक्ष बनाए गए हैं। इतना ही नहीं, पहले जहां तीन उपाध्यक्ष हुआ करते थे, अब उनकी संख्या बढ़कर सात हो गई है। पिछली कार्यकारिणी में सात संरक्षक थे, लेकिन इस बार यह आंकड़ा सीधे 14 पर पहुंच गया। इसके अलावा 10 उपमंत्रियों की भी नियुक्ति की गई है। नगर में लोग इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं और मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं कि “लगता है इस बार मेला कमेटी में भी खेला हो गया।”
सोमवार को तहसील रोड स्थित नारायण ग्रीन हाउस में आयोजित बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। संरक्षक मंडल में केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा, विधायक हरीश शाक्य, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता समेत कुल 14 लोगों को शामिल किया गया।
कार्यकारिणी में संजीव वार्ष्णेय (विक्की) को रामलीला कमेटी का और भाजपा मंडल अध्यक्ष आदित्य माहेश्वरी को मेला का अध्यक्ष बनाया गया है। डॉ. श्रीकृष्ण गुप्ता को संयोजक, विनोद पालीवाल को प्रबंधक, जितेंद्र वार्ष्णेय को मंत्री तथा लव कुमार वार्ष्णेय (एलआईसी) को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं शेखर सक्सेना, दीपक चौहान, सूर्य प्रकाश देवल, राहुल शर्मा, अमित वार्ष्णेय (गुड्डा), अवधेश लड्ढा माहेश्वरी और रजनीश शर्मा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा 10 उपमंत्री नियुक्त किए गए हैं तथा विवेक राठी एडवोकेट को कानूनी सलाहकार की जिम्मेदारी दी गई है।
नई कार्यकारिणी सामने आने के बाद नगर में लोग चुटकी लेते हुए अपने-अपने अंदाज में इसकी व्याख्या कर रहे हैं। कोई इसे सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की कोशिश बता रहा है, तो कोई बढ़ती पदाधिकारी संख्या पर मुस्कुराते हुए इसे “सबको संतुष्ट करने वाला फार्मूला” कह रहा है। फिलहाल, कमेटी की नई संरचना चर्चा का विषय बनी हुई है।


























