
बिल्सी। बिल्सी-बिसौली मार्ग पर परिवहन व्यवस्था वर्षों से गंभीर समस्या बनी हुई है। परिवहन विभाग और प्रशासनिक उदासीनता के कारण करीब 20–22 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर आज भी नियमित बस सेवा नहीं होने से क्षेत्र के हजारों लोग परेशान हैं। हालात यह हैं कि 21वीं सदी में भी यह महत्वपूर्ण मार्ग परिवहन सुविधाओं के मामले में किसी टापू से कम नहीं दिखता।
इस मार्ग पर रोडवेज की नियमित बसें न चलने का फायदा उठाकर अवैध रूप से संचालित टेंपो चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल कर उनका शोषण कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार बिल्सी से बिसौली की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है, जहां रोडवेज का निर्धारित किराया करीब 34 रुपये है, जबकि टेंपो चालक यात्रियों से 50 रुपये तक वसूल रहे हैं। अधिक किराया मांगने को लेकर यात्रियों और टेंपो चालकों के बीच अक्सर कहासुनी और झगड़े की स्थिति बन जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कछला-शाहाबाद राज्य मार्ग पर स्थित दो प्रमुख तहसीलें—बिल्सी और बिसौली—इस मार्ग से जुड़ी हैं, लेकिन परिवहन व्यवस्था के नाम पर केवल कासगंज और पीतल नगरी डिपो की दो बसें ही कासगंज से मुरादाबाद और मुरादाबाद से मैनपुरी वाया बिसौली-बिल्सी के बीच संचालित होती हैं। इसके बाद पूरे दिन इस मार्ग पर डग्गामार वाहनों का ही कब्जा बना रहता है।
यात्रियों का आरोप है कि टेंपो में भेड़-बकरियों की तरह सवारियां ठूंसकर ले जाई जाती हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। कई बार अधिक किराया वसूली और ओवरलोडिंग को लेकर विवाद की स्थिति भी पैदा हो जाती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी उठ रहे सवाल
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी समस्या के बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस मुद्दे पर गंभीर पहल करते नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। आम जनता का सवाल है कि जब दो तहसीलों को जोड़ने वाले इतने महत्वपूर्ण मार्ग पर परिवहन की स्थिति बदहाल है, तो आखिर जिम्मेदार लोग इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रहे।
जनता ने की रोडवेज शटल सेवा शुरू कराने की मांग
क्षेत्रीय नागरिकों ने परिवहन विभाग और आरटीओ से मांग की है कि डग्गामार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए और बिल्सी-बिसौली-कछला मार्ग पर रोडवेज की नियमित “जनता शटल सेवा” शुरू की जाए, जिससे यात्रियों को राहत मिल सके और टेंपो चालकों द्वारा किया जा रहा शोषण भी बंद हो सके।
लोगों का कहना है कि यदि इस मार्ग पर नियमित बस सेवा शुरू हो जाए तो हजारों यात्रियों को सुविधा मिलेगी और क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था भी सुधर सकेगी।


























