बदायूं। शिक्षक दिवस के दिन 5 सितंबर 2023 को शिक्षक नेता संजीव शर्मा को निलंबित किए जाने का मामला एक बार फिर उत्तर प्रदेश विधान परिषद में गूंजा। यह निलंबन तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वाति भारती द्वारा किए जाने को लेकर अब कार्रवाई के संकेत मिले हैं।

विधान परिषद के बजट सत्र के दौरान शिक्षक नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने इस निलंबन की वैधता पर सवाल खड़े करते हुए इसे गलत तथ्यों और द्वेष भावना पर आधारित बताया। उन्होंने तत्कालीन बीएसए स्वाति भारती के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सरकार की ओर से दिए गए उत्तर से असंतुष्ट होकर सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि इस मामले में कार्रवाई से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने दो टूक कहा कि देश में कोई भी अधिकारी यदि अपने अधिकारों का दुरुपयोग करता है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षक नेता संजीव शर्मा ने कहा कि तत्कालीन बीएसए ने उनके खिलाफ द्वेष भावना से कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि धरने की अनुमति जिलाधिकारी से प्राप्त कर शिक्षा विभाग एवं प्रशासन को सूचना दी गई थी, इसके बावजूद कार्यालय परिसर में धरने की अनुमति न होने का आरोप लगाया गया। इसी प्रकार मिड-डे मील को लेकर लगाए गए आरोपों को भी उन्होंने तथ्यहीन बताया और कहा कि खाद्यान्न व कन्वर्जन कास्ट उपलब्ध न होने के कारण भोजन नहीं बन सका था। अनुपस्थिति के आरोप पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वे उस समय चिकित्सीय अवकाश पर थे।

संजीव शर्मा ने कहा कि इस प्रकरण से शिक्षक समाज में एक सकारात्मक संदेश जाएगा और यह स्पष्ट होगा कि अधिकारियों को भी संविधान के दायरे में रहकर ही कार्य करना होगा। यह मामला अब प्रदेश स्तर पर शिक्षक हितों और प्रशासनिक जवाबदेही का महत्वपूर्ण उदाहरण बनता जा रहा है।

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