व्यापार, शिक्षा और यातायात को मिलेगी रफ्तार, नगरवासियों को जाम से राहत
बिल्सी। बिल्सी नगर एवं आसपास के क्षेत्र की जनता के लिए राहत भरी खबर है। शासन ने पीसीयू मानकों की प्रक्रिया के तहत बदायूं–बिजनौर राज्य मार्ग पर बिल्सी नगर के लिए 7 किलोमीटर लंबे बाईपास निर्माण को मंजूरी प्रदान कर दी है। लगभग 75 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह बाईपास नगर और क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
बाईपास के निर्माण से न केवल नगर के भीतर लगने वाले घंटों लंबे जाम से निजात मिलेगी, बल्कि व्यापारियों, विद्यार्थियों, सरकारी सेवा में कार्यरत लोगों और आम नागरिकों के लिए आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा। इससे समय, ईंधन और आर्थिक नुकसान से भी लोगों को राहत मिलेगी।
लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड की ओर से पूर्व में बाईपास निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। प्रस्ताव में बताया गया कि बदायूं–बिजनौर राज्य मार्ग तथा शाहबाद–बिसौली–कछला राजमार्ग के दोनों ओर बिल्सी नगर बसा हुआ है। नगर में तहसील मुख्यालय, प्रमुख गल्ला मंडी एवं प्राचीन देववाणी मंदिर स्थित हैं। आबादी के बीच से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण अंबियापुर चौराहा से लेकर सीताराम मोड़ तक प्रतिदिन 5 से 6 घंटे तक जाम की स्थिति बनी रहती है।
हाल ही में लखनऊ में हुई एक अहम बैठक में उच्च अधिकारियों ने जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए पीसीयू मानकों में शिथिलीकरण कर 7 किलोमीटर लंबे बाईपास मार्ग को मंजूरी प्रदान की। बजट स्वीकृत होते ही बाईपास निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड-2 वंदना सोनकर ने बताया कि बिल्सी नगर में बदायूं–बिजनौर राज्य मार्ग पर 7 किलोमीटर लंबा बाईपास बनाया जाएगा। पीसीयू मानकों में शिथिलीकरण कर इस मार्ग को योजना में शामिल किया गया है। यह बाईपास हाईवे की तर्ज पर लगभग 10 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा।
नगरवासियों का मानना है कि बाईपास के बन जाने से बिल्सी का समग्र विकास होगा और क्षेत्र को एक नई रफ्तार मिलेगी।


























