


बरेली।विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल मार्ग, बरेली में शनिवार को ‘सप्त शक्ति संगम’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ मुख्य अतिथि श्रीमती गीता सिंह (महानगर उपाध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद), मुख्य वक्ता श्रीमती साधना सिंह (मातृशक्ति सह विभाग संयोजिका) एवं कार्यक्रम की अध्यक्ष श्रीमती मोनिका जी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए शिशु शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश के जिला मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील कुमार सिंह ने सभी अतिथियों एवं अभिभाविकाओं का स्वागत किया, जबकि कार्यक्रम की प्रस्तावना श्रीमती अल्का नवीन ने रखी।
सात शक्तियों के जागरण से समाज परिवर्तन संभव — साधना सिंह
मुख्य वक्ता श्रीमती साधना सिंह ने अपने प्रेरणाप्रद उद्बोधन में कहा कि “परिवार समाज की नींव होता है और सशक्त परिवार ही संपूर्ण समाज की दिशा बदल सकता है।” उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि हमारे सभी पर्व हमें प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण का संदेश देते हैं, इसलिए पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
महिलाओं के नेतृत्व से ही देश होगा मजबूत — गीता सिंह
मुख्य अतिथि श्रीमती गीता सिंह ने महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं में नेतृत्व क्षमता के विकास से परिवार, समाज और देश सशक्त होता है। उन्होंने आत्मरक्षा, मानसिक सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्यमिता में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को देश के विकास का आधार बताया।
उन्होंने कहा कि एक कुशल गृहिणी जब अपने परिवार के स्वास्थ्य, शिक्षा, खानपान, रहन-सहन और संस्कारों पर ध्यान देती है, तभी समग्र समाज आगे बढ़ता है।
नागरिक कर्तव्यों से बढ़ेगा देश का गौरव — मोनिका जी
कार्यक्रम की अध्यक्ष श्रीमती मोनिका जी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हमारा सबसे बड़ा दायित्व अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन करना है। हमें भारतीय संविधान और सभी राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए।
प्रश्नोत्तरी और अनुभव कथन ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में सुधा जी द्वारा रोमांचक प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया, जिसे श्रीमती दीपा पांडे ने संचालित किया। उपस्थित मातृशक्ति ने अपने अनुभव भी साझा किए।
कार्यक्रम की संचालिका श्रीमती नीलम मिश्रा ने सभी से सप्त शक्तियों -कीर्ति, लक्ष्मी, वाणी, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा को जागृत करने का संकल्प भी कराया। विभिन्न शक्ति रूपों की शानदार प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
इनका रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय की आचार्याएँ
साधना शर्मा, प्रियंका यादव, वंशिका, पारुल, गरिमा, सुनीता, किरण राय, चांदनी अरोड़ा आदि का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में श्रीमती अल्का नवीन ने सभी आई हुई मातृशक्ति एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया।


























