




बिल्सी। राधाष्टमी पर्व पर पूरा नगर भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास में डूबा रहा। शाम ढलते ही घने बादलों के बीच रिमझिम से लेकर तेज बारिश तक हुई, लेकिन आस्था का ज्वार ऐसा था कि इंद्रदेव की फुहारें भी भक्तों के उत्साह को कम न कर सकीं।राधारानी की झांकी, सजावट, भजन-कीर्तन और पुष्पवर्षा से वातावरण राधामय हो गया। गिरिराज जी सेवा समिति की ओर से बारिश की रिमझिम के बावजूद राधा रानी की अलौकिक शोभा यात्रा निकाली गई।
भक्ति में डूबा नगर
शाम 7 बजे थाना मोड़ से प्रारंभ हुई शोभा यात्रा में रंग-बिरंगी झांकियां, पुष्पों से सजे रथ और पीले वस्त्रों में सजे श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते आगे बढ़ते रहे। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई और दीपों से स्वागत हुआ। शोभा यात्रा अटल चौक, मुख्य बाजार व बालाजी तिराहा होते हुए मोहल्ला नंबर दो स्थित बांके बिहारी मंदिर पहुंचकर विसर्जित हुई।राधा रानी के भक्तों का उत्साह के आगे इंद्रदेव की बारिश रुपी वाधा भी शोभायात्रा को रोक नहीं सकी,
मध्यरात्रि आरती और 56 भोग
बांके बिहारी मंदिर में देर रात तक भजन संध्या चली -भजन संध्या में राधा-कृष्ण की महिमा का गुणगान होता रहा और पूरा वातावरण हरि-भक्ति रस में डूबा रहा। रात्रि 12 बजे राधा रानी की आरती उतारी गई और 56 प्रकार के भोग का प्रसाद वितरित हुआ। मंदिर परिसर भक्ति गीतों और राधा नाम के जयकारों से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं की अपार भीड़
गिरिराज जी सेवा समिति के सदस्य, बांके बिहारी मंदिर के संचालक सुभाष चंद्र वाहेती, गंगा चरण अस्पताल बरेली के संस्थापक के.के. माहेश्वरी, काँठ से मोना माहेश्वरी, सहसवान से डॉ. आदित्य माहेश्वरी व डॉ. सुमित माहेश्वरी, अवनेश वार्ष्णेय, विवेक माहेश्वरी, संजीव शर्मा, पवन वाहेती, राहुल माहेश्वरी, वागीश माहेश्वरी, अर्पित वार्ष्णेय, सुधीर सोमानी, सुवीन माहेश्वरी, राकेश माहेश्वरी, राजीव माहेश्वरी, एडवोकेट राजीव असावा, पंकज वाहेती, नीरज वाहेती, गोपाल वार्ष्णेय, मनमोहन शाही, माधव वाहेती, नमन बाहेती व वरिष्ठ पत्रकार ललितमोहन वार्ष्णेय, अतुल वार्ष्णेय, लोकेश वार्ष्णेय सहित नगर के सैकड़ों श्रद्धालु देर रात तक भजन-संध्या का आनंद लेते रहे।


























