बिल्सी (बदायूं) – आसमान से आग बरस रही है और ज़मीन तपते तवे की तरह सुलग रही है। तापमान लगातार बढ़ते हुए 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया है। ऐसे में नगर ही नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण क्षेत्र भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग छांव और पानी की तलाश में बेहाल हैं। पशु-पक्षियों की स्थिति और भी दयनीय हो चुकी है।
इंसानों की हालत नाजुक, रातों की नींद भी हुई हराम
दिन में चल रही लू की तीव्र लपटें और रात को भी जारी उमस भरी गर्मी ने आम लोगों की नींद और चैन छीन लिया है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक चिड़चिड़े हो गए हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। लोग जरूरी कामों के लिए भी बाहर निकलने से बच रहे हैं।
पशु-पक्षी भी बेहाल, जल संकट ने बढ़ाई समस्या
तेज़ गर्मी से पशु-पक्षियों की जान पर भी बन आई है। तालाब सूख गए हैं, हैंडपंपों का जलस्तर गिर चुका है। पक्षी पानी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं और पालतू मवेशी भी छांव और पानी की कमी से पीड़ित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान पशुओं को पानी पिलाने के लिए टंकी या नलकूप से पानी ढोने पर मजबूर हैं।
किसान बेहाल, खेत सूख गए
भीषण गर्मी से खेतों की नमी खत्म हो गई है। सब्ज़ी और फल वाली फसलें बर्बादी की कगार पर हैं। किसान सिंचाई के लिए बिजली के भरोसे बैठे हैं, लेकिन बिजली की आंख-मिचौली ने स्थिति को और भयावह बना दिया है।
बिजली संकट ने बढ़ाई आम आदमी की परेशानी
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत भी चरम पर पहुंच गई है। दिन में ट्रांसफार्मर का तापमान खतरे के निशान तक पहुंच रहा है। लोड अधिक होने से लाइन बार-बार ट्रिप हो रही है। विभाग को मजबूरन ट्रांसफार्मर को ठंडा करने के लिए बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ रही है।
बाजारों में पसरा सन्नाटा, व्यापारी भी परेशान
लगातार तीसरे दिन बाजारों में भी ग्राहकों की कमी देखी गई। लोग दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं, जिससे दुकानदारों की आमदनी पर असर पड़ा है। दुकानें खुली तो हैं लेकिन ग्राहक नदारद हैं।
बिल्सी क्षेत्र के अवर अभियंता दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि “गर्मी में ट्रांसफार्मर पर अधिक दबाव पड़ता है। ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने के लिए जरूरी तकनीकी उपाय किए जा रहे हैं। प्रयास है कि आपूर्ति सुचारू रहे, परंतु सुरक्षा के लिए कभी-कभी सप्लाई कुछ समय के लिए रोकी जाती है।”

























