प्रदीप कुमार शर्मा के साथ अमित दीक्षित की रिपोर्ट
बदायूं। बुधवार की रात शहर में दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें हलवाई चौक पर मशहूर लस्सी की दुकान के मालिक दिलीप गुप्ता के बेटे रानू गुप्ता की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। घटना बरेली-आगरा हाईवे के पटेल चौक बाइपास पर हुई, जब रानू और उसके चार दोस्त कार में घूमने निकले थे। दुर्घटना में चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।




मशहूर लस्सी की दुकान वाले के बेटे की मौत से शहर में शोक,
बदायूं के मोहल्ला चौबे निवासी दिलीप गुप्ता की हलवाई चौक पर स्थित लस्सी की दुकान न केवल बदायूं बल्कि आस-पास के इलाकों में भी मशहूर है। उनके छोटे बेटे रानू गुप्ता (26) ने शादी समारोह में शामिल होने के बाद कार मे अपने दोस्तों के साथ वईपास पर घूमने निकल पड़े जहां यह हादसा हो गया । बताया जा रहा है की कुछ दिनों बाद मृतक के बड़े भाई की शादी होनी है जिसकी घर मे तैयारियां चल रही थीं,रानू के असमय निधन से परिवार मे कोहराम मच गया है, हादसे मे रानू के निधन की सूचना से परिवार और उनके ग्राहकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराई, हादसे में पलट गई
रानू अपने दोस्तों अमन गुप्ता, शिवम पांडेय, आयुष, और यश रावत के साथ अमन की कार में सवार होकर घूमने निकला था। हाईवे पर पटेल चौक के पास कार अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पलटते हुए हाईवे की दूसरी ओर जा गिरी।
इलाज के दौरान रानू की मौत
हादसे में सभी युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रानू को मृत घोषित कर दिया। बाकी घायलों में शिवम, आयुष, और अमन की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि यश रावत को भी चोटें आई हैं, लेकिन वह होश में है और बात कर सकता है।
दिलीप गुप्ता की हलवाई चौक स्थित लस्सी की दुकान शहर के प्रतिष्ठित स्थानों में से एक है। इस दुकान पर वह नियमित रूप से बैठकर लस्सी की बिक्री कर्ता था, उसके आकस्मिक मृत्यु से न केवल परिवार बल्कि दुकान के नियमित ग्राहकों के बीच भी शोक व्याप्त है।
स्थानीय प्रशासन और परिजनों का बयान
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हाईवे पर गति सीमा का पालन न करना और अचानक कट लगाना इस दुर्घटना की मुख्य वजह हो सकती है।
रानू के अंतिम संस्कार में शहर के व्यापारियों, परिवार के करीबी दोस्तों, और बड़ी संख्या में आम जनता ने शिरकत की। यह हादसा बदायूं के लिए एक कड़वी याद बन गया है, जो ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की जरूरत को उजागर करता है।

























