


बदायूं। झांसी मेडिकल कॉलेज में हुए अग्निकांड के बाद बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज में अग्निशमन सुरक्षा को लेकर गंभीर खामियां सामने आई हैं। दमकल विभाग ने मेडिकल कॉलेज को नोटिस जारी करते हुए अग्निशमन संसाधनों की कमी को 7 दिन में पूरा करने या संचालन बंद करने की चेतावनी दी है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने जवाब में कहा है कि निर्माण कार्य अधूरा है, जिसके चलते स्थाई एनओसी लेना संभव नहीं है।
झांसी हादसे ने दमकल विभाग को नींद से जगाया
झांसी मेडिकल कॉलेज में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद पूरे राज्य में मेडिकल कॉलेजों की अग्निशमन व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। इसी कड़ी में बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज पर भी सवाल खड़े हुए। दमकल विभाग ने निरीक्षण में पाया कि कॉलेज में फायर इक्विपमेंट सही स्थिति में नहीं हैं और आग पर काबू पाने के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।
दमकल विभाग का नोटिस: बंद करें संचालन
दमकल विभाग ने मेडिकल कॉलेज को 7 दिन का नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यदि अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा संसाधन ठीक नहीं किए गए, तो कॉलेज का संचालन बंद कर दिया जाएगा। विभाग ने यह भी कहा कि यदि किसी तरह की दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कॉलेज प्राचार्य की होगी।
कॉलेज प्रशासन का पक्ष
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार ने दमकल विभाग के नोटिस पर जवाब देते हुए कहा कि कॉलेज की बिल्डिंग का निर्माण कार्य अभी अधूरा है। निर्माण का जिम्मा उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम के पास है। चूंकि बिल्डिंग अभी हैंडओवर नहीं हुई है, इसलिए स्थाई एनओसी लेना संभव नहीं है।
हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने अस्थाई एनओसी ले रखी है और निर्माण पूरा होने के बाद स्थाई एनओसी लेने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्राचार्य ने बताया, “हमने डीजी हेल्थ और शासन को इस बारे में रिपोर्ट भेज दी है। बिल्डिंग के पूर्ण निर्माण और हैंडओवर के बाद अग्निशमन व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त कर ली जाएगी।”
झांसी जैसी लापरवाही न बन जाए हादसे की वजह
झांसी मेडिकल कॉलेज में हुए हादसे से सबक लेते हुए यह जरूरी है कि बदायूं जैसे अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दी जाए। अधूरी तैयारियों और लापरवाही के चलते मरीजों और स्टाफ की जान खतरे में डालना बड़ी चूक होगी। ऐसे में दमकल विभाग और प्रशासन को मिलकर इस मामले का समाधान जल्द निकालना चाहिए।
जल्द हो स्थाई समाधान
बदायूं मेडिकल कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण संस्था में अग्निशमन सुरक्षा का अभाव बड़ा सवाल खड़ा करता है। झांसी हादसे के बाद बदायूं में यह लापरवाही दुहराई गई, तो न केवल प्रशासन बल्कि पूरे चिकित्सा तंत्र पर सवाल उठेंगे।जरूरी है कि दमकल विभाग और निर्माण निगम मिलकर जल्द से जल्द सुरक्षा मानकों को लागू करें, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

























