




बदायूं के सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लालपुल में सट्टे की खाईबाड़ी का विरोध करने पर दिवाकर (24) नामक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। दिवाकर, जो अपने बहनोई विकास साहू के साथ कासगंज में ढाबे पर काम करता था, किसी कानूनी मामले की तारीख पर बदायूं आया था। परिजनों के अनुसार, पास के रहने वाले साहिल साहू द्वारा क्षेत्र में सट्टेबाजी और स्मैक का काम किया जा रहा था, जिससे इलाके में नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था। दिवाकर ने सट्टेबाजी का विरोध करते हुए साहिल को ऐसा न करने की चेतावनी दी थी।
शुक्रवार को दोपहर में जब दिवाकर सब्जी लेने निकला, तो उसने फिर से साहिल को सट्टे की पर्ची लिखते देखा और इसका विरोध किया। इस पर साहिल और उसके साथियों आकाश, राहुल, समेत परिवार की महिलाओं ने मिलकर दिवाकर पर हमला बोल दिया। आरोपियों ने दिवाकर को जमीन पर घसीट-घसीटकर पीटा और उस पर धारदार हथियार से वार किया। घायलावस्था में दिवाकर को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बरेली रेफर किया गया। बरेली में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दिवाकर की हत्या की खबर मिलते ही उसके परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने मेरठ हाईवे पर लालपुल चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस के अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की, परंतु परिजन दोषियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। फिलहाल पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपने में संकोच कर रही है, और शव अभी पुलिस की कस्टडी में ही है।
परिजनों का दावा है कि दिवाकर ने साहिल के सट्टेबाजी और नशे के काम की वीडियो बनाकर पुलिस को भेजी थी। इस घटना के बाद से ही साहिल और उसके साथी उससे नाराज थे और बदला लेने की फिराक में थे।
सट्टेबाजी और स्मैक तस्करी से बदनाम हुआ सदर कोतवाली इलाका
सदर कोतवाली का इलाका सट्टेबाजी और स्मैक की तस्करी के कारण बदनाम हो चुका है। कबूलपुरा, लालपुल, मीरा जी चौकी, लोची नगला, ब्रह्मपुर, शहबाजपुर, आर्यसमाज, और सुभाष चौक जैसे इलाकों में सट्टा और नशे का कारोबार खुलेआम चलता है। बताया जाता है कि नई सराय में पुलिस चौकी के पीछे भी सट्टे का कारोबार निर्बाध रूप से चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की शह पर यह धंधा पनप रहा है, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है और क्षेत्र की शांति भंग हो रही है।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन और समाज में सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को बल दिया है।

























