बिल्सी।114 बिल्सी विधानसभा क्षेत्र की सीट एक लंबे अरसे के बाद वर्ष 2012 में हुए नए परिसीमन में आरक्षित सीट से सामान्य सीट हो जाने के बाद क्षेत्र के लोगों को नगर का भारी विकास की उम्मीद जगी थी लेकिन नगर वासियों की यह उम्मीद हवा हवाई साबित हुई।
गौर तलब रहे की बिल्सी को तहसील का दर्जा मिले 27 वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर परिवहन एवं शैक्षिक दृष्टि से आज भी पिछड़ा हुआ है इसका मूल कारण क्षेत्र से चुने जाने वाले जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र की भोली भाली जनता है। वर्ष 2012 में हुई सामान्य सीट पर बसपा से हाजी विटन बहुजन समाज पार्टी से यहां से विधायक चुने गए 2017 में भाजपा से आरके शर्मा एवं 2022 में भाजपा से ही हरीश शाक्य विधायक चुने गए यूं तो मौजूदा विधायक ने एक लंबे अरसे से चली आ रही रोडवेज बस स्टैंड की मांग को पूरा करने के लिए चुनाव अधिसूचना जारी होने के 1 दिन पूर्व यानी 15 मार्च 2024 को शासन से 2 करोड 25 लाख रुपए जारी करा दिए थे लेकिन बस स्टैंड का निर्माण कार्य अधिसूचना खत्म हो जाने के बाद ही संभव है। नगर के लोगों को बिल्सी नगर से बिसौली कासगंज वजीरगंज एवं उझानी मुजरिया की तरफ जाने के लिए इस विकसित भारत में आज भी डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है । अगर इन मार्गों पर चंदौसी एवं कासगंज से रोडवेज बसें संचालित कर दी जाए तो काफी समस्या का समाधान हो सकता है वहीं शैक्षिक दृष्टि से तहसील क्षेत्र में एकमात्र राजकीय महाविद्यालय है जिसमें एक लंबे अरसे से बीएससी एवं बीकॉम की कक्षाएं शुरू किए जाने की मांग उठ रही है लेकिन वह सब कुछ कागजी साबित हो रही है मौजूदा समय में महाविद्यालय में कार्यवाहक प्रधानाचार्य सहित एक प्रवक्ता ही कार्यरत है। कहने को तो इसके लिये जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी कहा जा सकता है लेकिन इसके लिये उससे ज्यादा जिम्मेदार बिल्सी की भोली भाली जनता भी है जो अपने जनप्रतिनिधियों से काम लेना नहीं जानती, बैसे तो नगर के आज के हालात ऐसे हैं जिसमे हर 5 वें घर मे किसी न किसी पार्टी से जुड़ा हुआ नेता बना हुआ है लेकिन उनकी हालत सिर्फ नेताओं के पीछे पीछे दौड़ते रहने जिंदाबाद करने और दावतें खाने के अलावा सोशल मीडिया में फ़ोटो डालने तक कि ही नज़र आती है नगर के विकास के लिये कहने लड़ने की हिम्मत किसी मे नज़र नहीं आती है।

























