
लखनऊ। शुक्रवार को अटल बिहारी वाजपेई साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में RSSDI की दो दिवसीय कान्फ्रेंस शुरू हुई। कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश से आये 1000 से अधिक डॉक्टरों ने हिस्सा लिया।इस दौरान यहां 150 रिसर्च पेपर पेश किए गये। शनिवार को किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के अटल बिहारी वाजपेई साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में रिसर्च सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (आरएसएसडीआई) के कॉन्फ्रेंस के द्वितीय दिवस की सुरुआत प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई इस दौरान उन्होंने सभी मधुमेह विशेषज्ञों को सम्बोधित करते हुए कहा कि डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। इसकी बड़ी वजह खराब जीवनशैली है। जीवनशैली में सुधार और इलाज कर बीमारी पर काबू पा सकते हैं। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में डायबिटीज मरीजों की जांच और इलाज की सुविधा है। मरीज डॉक्टर की सलाह पर जाँच और इलाज करायें।
कॉन्फ्रेंस में बदायूँ के प्रतिष्ठित डॉ.अजीत पाल सिंह,(एमडी) मधुमेह विशेषज्ञ को मधुमेह के क्षेत्र में उनके प्रयासों के लिए मान्यता के सराहना भी मिली है साथ ही उनको सामुदायिक सेवाओं के लिए रिसर्च सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (RSSDI) ने लखनऊ में सम्मानित किया गया है।डॉ. अजीत पाल सिंह RSSDI के बदायूँ जिले के जिला समन्वयक भी हैं, डॉ अजीत के लखनऊ में सम्मानित होने पर उनके डॉक्टर साथियों ने खुशी का इज़हार करते हुए वधाई दी है।
डॉ. अजीत पाल ने स्वदेश केसरी को बताया कि देश की करीब 11.4 प्रतिशत आबादी डायबिटीज की जद में है। यूपी में यह अनुपात 4.8 फीसदी है। जो राष्ट्रीय स्तर से कम है। प्री डायबिटिक लोगों की तादाद तेजी से बढ़ रही है । इसकी बड़ी वजह बेढ़ंगी जीवनशैली है। पेट का मोटापा बढ़ रहा है। लोग कसरत नहीं करते हैं। आरामतलब लोगों को डायबिटीज आसानी से शिकार बना लेती है ।

























