
बेटी की मौत के बाद रोती-बिलखती मां
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‘हे भगवान, यह तूने क्या कर दिया। मेरा ही तुझसे क्या बैर है। पहले पति का साथ छुड़ा दिया और अब बेटी को भी छीन लिया। जब छीनना ही था तो इतना दिया ही क्यों था, मेरा तो जीवन ही वीरान कर दिया।‘ एक मां के मुख से बस यही शब्द निकल रहे थे। बेटी की मौत से बेसुध हुई मां की हालत देखकर हर कोई द्रवित हो उठ रहा था। नाते रिश्तेदार और आसपास के लोग उसे ढांढस बंधाने में लगे हुए थे।
छात्रा मेधा बरेली के मानस्थली स्कूल में कक्षा 11 में पढ़ती थी। उसकी मौत के बाद उसकी मां अंजलि पर दु:खों का पहाड़ ही टूट पड़ा। पांच वर्ष पहले उनके पति अरुण शर्मा की मौत हो गई। वह उस गम को अभी ठीक ढंग से भुला भी नहीं पाई थीं कि कुदरत ने उन्हें एक ओर ऐसा गम दे दिया, जिससे वह जिंदगी भर भुला नहीं सकेंगी। पति की मौत के बाद अंजलि ने बेटे और बेटी की परवरिश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
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दादा को लगा गहरा सदमा
उनके ससुर पंडित रामनिवास शर्मा ने परिवार के भरण पोषण की जिम्मेदारी निभाई। रामनिवास के दो बेटे अरुण शर्मा और वरुण शर्मा थे। अरुण शर्मा की 2018 में मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद उन्होंने दोनों बच्चों की परवरिश की। नाती सक्षम और नातिन मेधा से उन्हें बहुत ही प्रेम करते थे। अचानक हुए हादसे ने उन्हें तोड़कर रख दिया है। वह बार-बार कह रहे थे कि पता नहीं उनके परिवार को किसी की नजर लग गई।
देर शाम हुआ अंतिम संस्कार
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, देर शाम परिजनों ने मेधा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों ने उसके शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था।

























