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बनारस में घाट पर उतरेंगे हेलिकाॅप्टर, जानिए और क्या होगा खास

विभोर पाराशर की रिपोर्ट

नई दिल्ली:

बनारस में जल्द ही टूरिज्म का स्वरूप बदल जाएगा। मोक्षदायिनी गंगा किनारे अर्धचंद्राकार घाटों की खूबसूरती देखने काशी आने वाले दुनियाभर के लोगों के लिए अब खिरकिया घाट एक नया आकर्षण का केंद्र होगा। वाराणसी के नक्शे में जुड़ रहा यह नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन जल, थल और नभ तीनों से जुड़ा होगा। घाट तक एयरपोर्ट और स्टेशन से भी पहुंचना बेहद आसान होगा और पर्यटकों की गाड़ियां भी घाट तक पहुंच सकेंगी।

जानकारी के मुताबिक, करीब 11 एकड़ में बन रहे इस घाट की लागत लगभग 350 करोड़ है। जो जुलाई 2021 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट की डिजाइन और इंजीनियरिंग भी खास होगी। गाबियन और रेटेशन वाल से घाट तैयार किया जा रहा हैए यानी देखने में पुराने घाटों की तरह होगा और बाढ़ में घाट सुरक्षित रहेगा। खास बात यह कि यह निर्माण इको फ्रेंडली है। घाट पर ही वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है, जो अन्य घाटों पर नहीं है।

अस्सी और दशाश्वमेध घाट पर पर्यटक अधिक आते हैंए लेकिन सभी घाटों तक आसानी से गाड़िया नहीं पहुंच पातींए इसलिए खिरकिया घाट का विकास किया जा रहा हैए जो पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं के साथ होगा। घाट पर सभी सुविधाएं एक साथ मिलेंगीए जिसके लिए पहले आप को कई जगह भटकना पड़ता था।

मसलनए पर्यटक यहां से काशी विश्वनाथ मंदिर का टिकट ले सकते हैं, इसके साथ ही वाटर स्पोर्ट्स का मजा ले सकेंगे, लाइब्रेरी में किताबे पढ़ सकेंगे, तो सेहतमंद रहने के लिए सुबह मॉर्निग वॉक, व्यायाम और योग कर सकेंगे। फूड प्लाजाए आरओ प्लांट, शिल्पियों के लिए जगह होगी जहां वे हैण्डीक्राफ्ट के उत्पाद बेच सकेंगे। 1.6 एकड़ में एक बहुउद्देशीय प्लेटफाॅर्म बन रहा हैए जिसपर दो हेलीकॉप्टर उतर सकते हैं। यह हेली टूरिज्म समेत अन्य कामों में आ सकता हैए साथ ही इस प्लेटफार्म को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा दूसरे उपयोग में भी ला सकते हैं।

भविष्य में खिरकिया घाट पर ही दूसरे पर्यटक स्थलों की टिकट व्यवस्था कॉम्बो टिकट और रेलवे टिकटिंग की व्यवस्था भी होगी। गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सीएनजी से चलने वाली नाव के लिए सीएनजी स्टेशन भी खिरकिया घाट पर बन रहा है। खिरकिया घाट पर ही म्यूरल के माध्यम से गोवर्धन पूजा को भी उकेरा जायेगा और आस पास के मंदिरों को भी उनके स्वरूप में ठीक किया जायेगा। पास में ही ऐतिहासिक महत्व की धरोहरों को भी खिरकिया घाट से जोड़ा जायेगा और पंचकोशी मार्ग भी सुगम हो जाएगा।

मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया की जल, थल और नभ से जुड़ने वला ये मल्टी मॉडलए मिनी टर्मिनल देवदीपावली जैसे अवसरों में क्राउड मैनेजमेंट में भी उपयोगी होगा। राजघाट और भैंसासुर घाट का भी जीर्णोद्धार किया जा रहा हैए जो खिरकिया घाट से जुड़ जाएगा। अब काशी के लगभग सभी 84 घाट पक्के घाटों के रूप में जुड़ जाएंगे।

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