होम राज्य उत्तर प्रदेश कश्मीर में नहीं रुक रही कश्मीरी पंडितों की हत्याएं,एक ओर कश्मीरी पंडित...

कश्मीर में नहीं रुक रही कश्मीरी पंडितों की हत्याएं,एक ओर कश्मीरी पंडित सुनील कुमार की हुई हत्या, परिवार वालों का आरोप चार महीने पहले माँगी थी पुलिस कमिश्नर से सुरक्षा, जबाब मिला हम कुछ नहीं कर सकते हमारे हाथ मे कुछ नहीं।

मंगलवार को दक्षिण कश्मीर में शोपियां ज़िले के चोटीपुरा गाँव में सुनील कुमार की आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.हमले में सुनील कुमार के बड़े भाई पिताम्बर नाथ भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. फ़िलहाल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. पुलिस ने इस हत्या के लिए आतंकवादियों को ज़िम्मेदार ठहराया है. सुनील कुमार खेती करते थे. सुनील कुमार के परिवार में अब उनकी चार बेटियां और पत्नी बची हैं. रोती-बिलखती सुनीता अपने पति के शव के पास ही बैठी हैं और कह रही हैं की उनके चार बेटियां हैं उनकी परवरिश कौन करेगा।सुनीता के पास बैठीं उनकी रिश्तेदार महिलाएं, उन्हें दिलासा देने की कोशिश कर रही हैं. लेकिन ये सारी कोशिशें बेअसर साबित दिखीं. 

गांव में कुल कितने हिंदू

सुनील कुमार के परिवार के अलावा चोटीपुरा गाँव में दो और पंडित परिवार रहते हैं. दोनों क़रीबी रिश्तेदार हैं. इन तीन घरों में कुल 16 लोग रहते हैं.जब सुनील कुमार और उनके भाई पर गोलाबारी की गई तब वे अपने घर से पास 100 मीटर की दूरी पर सेब के बाग़ में काम कर रहे थे.सुनील कुमार की हत्या के बाद चोटीपुरा गाँव में गहरा सन्नाटा फैला हुआ है. हर तरफ़ फौज और पुलिस का पहरा था. इस घटना के बाद गाँव की सारी दुकानें बंद थीं.सुनील कुमार का परिवार कभी कश्मीर छोड़ कर नहीं गया. इस परिवार ने तब भी कश्मीर नहीं छोड़ा था, जब यहाँ ख़ून-ख़राबा चरम पर था. 

इसी वर्ष अप्रैल में अनिल कुमार के चचेरे भाई बाल कृष्ण को भी चरमपंथियों ने इसी गाँव में उनके घर के पास गोली मारी थी लेकिन उनकी जान बच गई थी.

पुलिस कमिश्नर पर फूटा परिवार का गुस्सा

परिवार का ग़ुस्सा उस समय और भी ज़्यादा फूटा जब कश्मीर के डिविज़नल कमिश्नर पांडुरंग के. पॉल सुनील कुमार के घर पहुँचे.सुनील कुमार के परिवार के एक सदस्य अनिल कुमार ने पांडुरंग के. पॉल का रास्ता रोक लिया और उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया. अनिल कुमार ने कमिश्नर पांडुरंग के पॉल से सवाल करते हुए पूछा, “मैं अनिल कुमार हूँ. आप के पास आया था, जब हमारे एक दूसरे भाई पर चार महीने पहले हमला हुआ था. मैंने आपसे कहा था कि हमारी जान की सुरक्षा के बारे में सोचो. आप ने कहा था कि मैं कुछ नहीं कर सकता. मेरे हाथ में कुछ नहीं है. ये भी कहा था कि आप अपने घर में रहिए.”नाराज़ अनिल कुमार ने पांडुरंग के. पॉल से सवाल किया, “आप आज यहाँ क्या करने आए हैं? जवाब दीजिए मुझे.”

डिविज़नल कमिश्नर ने परिवार के आरोपों का खंडन करते हुए बताया कि जब पिछली बार उनके भाई बाल कृष्ण पर हमला हुआ था तो उसके बाद घर के पास सिक्यॉरिटी गार्ड्स को  तैनात किया गया था. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि आतंकवाद को कुछ और समय के लिए झेलना होगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here