उघैती (बदायूं)। थाना क्षेत्र के गांव उघैती में आवारा कुत्ते के काटने के लगभग एक माह बाद आठ वर्षीय मासूम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
गांव निवासी मोहम्मद नाजिम का आठ वर्षीय पुत्र मोहम्मद ताजिम गत 3 जून को घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर शरीर के कई स्थानों पर काट लिया। अगले दिन 4 जून को परिजन उसे उपचार के लिए बिसौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई। परिजनों का कहना है कि चिकित्सकीय सलाह के अनुसार वैक्सीन की सभी डोज समय पर लगवाई गई थीं।
बताया जाता है कि घटना के लगभग एक माह बाद 3 जुलाई को अचानक बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार वह अपना गला पकड़कर जोर-जोर से चिल्लाने लगा और उसे हवा से भी डर लगने लगा। हालत गंभीर होने पर उसे पहले बिसौली, फिर चंदौसी और अलीगढ़ के अस्पतालों में दिखाया गया। वहां से चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर बताते हुए दिल्ली रेफर कर दिया।
परिजन 5 जुलाई को बच्चे को उपचार के लिए दिल्ली ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
इस संबंध में बिसौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अरविंद वर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के लिए मेडिकल टीम भेजी गई है। उन्होंने कहा कि बच्चे की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना के बाद ग्रामीणों में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


























