




सहसवान। नगर के मौहल्ला बजरिया स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के विश्राम दिवस पर ब्रज की लठमार बोली और फूलों की होली का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। वृंदावन से पधारे कथा व्यास आचार्य बलरामकृष्ण जी महाराज के मुखारविंद से ब्रज की होली की कथा सुनते ही पूरा पंडाल भक्ति, उल्लास और रंगों से सराबोर हो गया।
कथा विश्राम के उपरांत भगवान श्रीकृष्ण के सजीव स्वरूपों के साथ यजमानों, उनके परिजनों एवं सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा करते हुए फूलों की होली खेली। वहीं ब्रज परंपरा के अनुसार लठमार होली का भी मनोहारी आयोजन हुआ, जिसमें भक्तजन भाव-विभोर होकर भगवान कृष्ण स्वरूप संग होली खेलते एवं झूमते नजर आए।
इस अवसर पर प्रधान यजमान महेश चन्द्र माहेश्वरी सपत्नी श्रीमती सर्वेश माहेश्वरी ने भी ब्रज की होली में सहभागिता कर श्रद्धालुओं के साथ आनंद लिया। होली खेलते समय आज ब्रज में होली रे रसिया और “राधे-राधे” और “श्याम-श्याम” के जयघोष से वातावरण पूर्णतः ब्रजमय हो गया।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। नगरवासियों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से सहसवान में ब्रज की संस्कृति और भक्ति परंपरा का जीवंत अनुभव प्राप्त होता है।अंत में आयोजकों द्वारा सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया गया और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


























