बदायूं। उसहैत थाना क्षेत्र के ग्राम खेड़ा जलालपुर की गौशाला का दर्दनाक दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों के दिल दहल गए। वीडियो में सैकड़ों गायें खुले आसमान के नीचे बारिश में भीगती हुई नजर आ रही हैं। जमीन पर पानी भरने से बना कीचड़ गहरा दलदल बन चुका है, जिसमें कई गाय फंसी पड़ी हैं। कुछ गायें तो मृत प्रतीत हो रही हैं, जबकि कई बीमार और लाचार हालत में नजर आ रही हैं।

गांव के कुछ युवाओं ने दूर से वीडियो बनाकर पशु प्रेमी वीकेन्द्र शर्मा को भेजा। उन्होंने तत्काल वीडियो सहित पूरी जानकारी बदायूं के जिलाधिकारी को भेजी, परंतु कार्यवाही न होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को X (ट्विटर) के माध्यम से सूचित किया है।

वीडियो देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो इन मासूम गायों को जिंदा रहते हुए धीरे-धीरे मौत की ओर धकेला जा रहा है। यह दृश्य किसी कत्लखाने से कम नहीं, जहां गायों को खाने-पीने और छत की सुविधाएँ ना काफ़ी दिखाई दे रही हैं।

BDO का व्यान

इस संबंध मे ज़ब स्वदेश केसरी ने इस ब्लाक के BDO से पुछा की आपने इस गौशाला की दुर्दशा वाला वीडियो देखा है क्या जबाब था नहीं, आख़री बार आपने कब निरिक्षण किया तो बताया की याद नहीं शायद दो तीन माह पूर्व, ज़ब उनसे सवाल किया कि इसमें कितने पशुओं को रखने की व्यस्था उतने ही थे या उससे अधिक इस सवाल पर चुप्पी साध गए, क्या आपने निरिक्षण के दौरान कोई कमी पाई थी तो फिर चुप्पी साध गए, उनसे सवाल किया कि निरिक्षण के बाद रजिस्टर मे तो लिखा होगा सब ओके है या कोई कमी जिसको दुरस्त करने के लिए जिम्मेदार लोगों को लिखा होगा फिर सन्नाटा,बातों से लगा कि वीडियो साहब शायद इस गौशाला कभी गए ही नहीं हैं।सवालों से परेशान एकाकक फोन काट दिया।

VO का ब्यान

स्वदेश केसरी ने इस संबंध मे शाम 4:30 पर फोन पर VO से बात कि तो बताया कि वो रास्ते मे हैं आधा घंटे मे गौशाला पहुंचेंगे अभी उनको जानकारी मिली है कि गौशाला मे पड़ोस के गांव के कुछ ग्रामीण कल जबरदस्ती अपनी गाय छोड़ गए थे इस गौशाला कि छमता 150 से 200 के बीच कि है जिसमें पहले से ही छमता से ज्यादा गौबंश थे जो कल बढ़कर 400 के आसपास हो गए इस कारण यह दुर्दशा हो गई, ज़ब स्वदेश केसरी ने पलट कर सवाल किया कि पूरे वीडियो मे मुश्किल से 100 के आसपास दिख रही हैं, तो जबाब दिया कि आज सुबह दूसरे गांव के वही ग्रामीण जो कल छोड़ गए थे आज ताला तोड़कर उनको ले गए, ताला टूटने और गेट खुला होने से बहुत से गौ बंश इधर उधर निकल गए होंगे, सवाल क्या आपको मृत गायों की सूचना है तो बताया कि मुझे सुबह 2 गाय मृत की सूचना है, 2 की तबियत खराब है, बाकी सही जानकारी मे पहुंच कर दूंगा, फोन कट गया, 2 मिनट बाद VO का फिर फोन आता है बताया जाता है केवल 1गौवंश की मौत हुई है बाकी 3 अभी जिंदा हैं लेटी हैं सवाल आपके पास सुबह 2 के मरने की सूचना थी जबाब वो पैराबीट ने सुबह दूर से देखकर सूचना दे थी, अब सवाल तो उठता है कि ज़ब कोई घटना वायरल होती है तो जिम्मेदार लोग किस किस तरह के बहाने ढूंढते हैं, वहीं यह कहना भी गलत नहीं होगा कि इस कार्य के लिए जितने लोगों की जरूरत है उसे उपलब्ध कराने मे सरकार नाकाम साबित हो रही है

सरकार और प्रशासन से सवाल

क्या यही सरकार का ‘गौ संरक्षण मिशन’ है? पशुपालन विभाग, ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव आखिर कहां हैं? क्यों इनकी लापरवाही ने इस गौशाला को ‘नरक शाला’ बना दिया? जिलाधिकारी बदायूं भी अब तक संज्ञान नहीं ले रहे। क्या यह विभाग मुख्यमंत्री की आंखों में मिर्ची झोंकने का काम कर रहा है?

पशु प्रेमिओं की मांग

जिले के पशु प्रेमी वीकेन्द्र शर्मा ने मांग की है कि इस गौशाला सहित जिले की सभी गौशालाओं का तत्काल निरीक्षण कर जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि गायों की यह दुर्दशा बंद हो और उन्हें वास्तविक संरक्षण मिल सके।

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