श्रीमद्भभागवत कथा के विराम दिवस पर भावुक हुए श्रद्धालु, नम आँखों से भगवताचार्य पुष्कर पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानुजाचार्य श्रीरामचन्द्राचार्य जी महाराज को दी गई विदाई,







बिल्सी। सिद्धपीठ श्रीबालाजी धाम के महंत पंडित मटरुमल शर्मा महाराज जी के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भभागवत कथा अमृतमयी वर्षा के विश्राम दिवस की कथा में आज श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
कथा का दिव्य वाचन पुष्कर पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानुजाचार्य श्रीरामचन्द्राचार्य जी महाराज के मुखारविंद से हुआ। स्वामी जी ने भावविभोर कर देने वाले प्रसंग में बताया कि जब उद्धव जी के माध्यम से विदुर जी को यह ज्ञात हुआ कि भगवान श्रीकृष्ण धरा धाम का त्याग कर चुके हैं, तो विदुर जी गहन शोक में डूब गए। वे रोते हुए उद्धव जी से बोले— “हम कितने दुर्भाग्यशाली हैं कि भगवान हमारे बीच रहते हुए भी हम उन्हें पहचान न सके।”
इस पर उद्धव जी ने उन्हें सांत्वना दी और कहा कि भगवान ने जाते-जाते आपको विशेष रूप से याद किया है तथा आपको कथा सुनाने के लिए श्रीमैत्रेय जी को नियुक्त किया है। उद्धव जी के निर्देश पर विदुर जी हरिद्वार जाकर मैत्रेय जी से भगवान की दिव्य लीलाओं का श्रवण करते हैं। स्वामी जी ने समझाया कि यह प्रसंग हमें सिखाता है कि प्रभु के होते हुए भी यदि हम उन्हें पहचान नहीं पाते तो वह जीवन का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है।
बिल्सी के पूर्व उपजिलाधिकारी ने स्वामी जी का लिया आशीर्वाद


बिल्सी के पूर्व SDM रिपुदमन सिंह ने कथा स्थल पहुंच कर कथा व्यास पुष्कर पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानुजाचार्य श्रीरामचन्द्राचार्य जी महाराज से मिलकर आशीर्वाद ग्रहण किया,,
दिव्य वातावरण और श्रेष्ठ व्यवस्था
कथा पंडाल में श्रद्धालु भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। हर दिन की भांति आज भी कथा के मुख श्रोता हनुमान जी महाराज दिव्य रथ पर नगर भ्रमण करते हुए कथा स्थल पधारे। पंडाल में श्रोताओं की सुविधा हेतु विशेष प्रबंध किए गए थे, जिससे हर श्रोता आराम से कथा श्रवण कर सके। भक्ति भाव से परिपूर्ण प्रसाद वितरण ने भी वातावरण को और भी पावन बना दिया था।कथा का श्रवण करने के लिए गाज़ियाबाद, नोएडा, बरेली, मुरादाबाद, कासगंज, एटा, पीलीभीत, शाहजहांपुर, गजरौला आदि जनपदों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।
आज भीड़ ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
4:30 बजे कथा बिश्राम के बाद कथा पंडाल से प्रसाद लेकर निकलने वाली भीड़ का आलम यह था कि सांय 06:16 बजे समाचार लिखे जाने तक श्रदालुओं की लम्बी लम्बी कतारें लगी हुई थी, हमारे संवादाता ललित मोहन वार्ष्णेय ने बताया कि रात्रि 08:00 बजे तक ही श्रद्धालु पंडाल से बाहर निकल पाएंगे,,


पत्रकारों का हुआ सम्मान
कथा विराम दिवस के अवसर पर महंत पंडित मटरुमल शर्मा महाराज जी ने कथा की उत्कृष्ट कवरेज करने वाले पत्रकार बंधुओं को पटका, माला और स्मृति उपहार भेंट कर सम्मानित किया।
प्रमुख उपस्थितजन
इस अवसर पर महंत श्री मटरुमल शर्मा महाराज, गजरौला से आए अशोक कुमार राय, देवेंद्र पाल शर्मा सहित संजीव शर्मा, यश भारद्वाज,रीनू शर्मा, राजीव शर्मा, रेखा शर्मा स्वतंत्र राठी, पुष्कीन गांधी, चारु सोमानी, मुकेश गुप्ता, मयंक जैन, अनिल जैन, सुभाष चन्द्र बाहेती, कपिल माहेश्वरी, रवि वार्ष्णेय, जितेंद्र वार्ष्णेय, रंजन माहेश्वरी, सौरभ सोमानी, दीपु माहेश्वरी, रोहित शर्मा, कंटू माहेश्वरी, देव वार्ष्णेय, राजेश माहेश्वरी, प्रवीण वार्ष्णेय, मोहित देवल, विशाल भारत खासट, डॉ राजाबाबू वार्ष्णेय, आशीष वशिष्ठ, हेमचन्द्र वशिष्ठ, गोरेलाल शर्मा, संदीप माहेश्वरी, लोकेश कुमार, अनुप माहेश्वरी, आशा शर्मा, भुवनेश शर्मा, सुवीन माहेश्वरी, राजीव माहेश्वरी, निशांत, टिंकू वार्ष्णेय, नीरज माहेश्वरी, आशा माहेश्वरी, सरिता माहेश्वरी, अनीता माहेश्वरी, सचिन माहेश्वरी, सुनील माहेश्वरी सहित हजारों की संख्या मे श्रद्धालु मौजूद रहे।


























