


बिल्सी। सिद्धपीठ श्रीबालाजी धाम के महंत मटरुमल शर्मा महाराज के आयोजितत्त्व मे चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन श्रद्धालु भक्तिरस में सराबोर हो उठे। दोपहर 12:00 बजे मोहल्ला नंबर पांच स्थित बालाजी धाम से हरि नाम संकीर्तन मंडल इस्कॉन मंदिर वृंदावन के साथ हरे राम हरे कृष्ण की गूँज के साथ बाबा की सवारी अटल चौक होते हुए कथा श्रवण करने हेतु कथा स्थल पहुंची।
कथा व्यासपीठ पर विराजमान जगतगुरु रामानुजाचार्य रामचन्द्राचार्य जी महाराज ने भागवत की महिमा का वर्णन करते हुए कहा—
“निगमकल्पतरोर्गलितं फलं,
शुकमुखादमृतद्रवसंयुतम्।
पिबत भागवतं रसामलयं,
मुहुरहो रसिका भुवि भावुकाः॥”
अर्थात—भागवत वेदों के कल्पतरु का मधुर फल है, जो स्वयं शुकदेव जी के मुख से प्रकट होकर अमृत के समान है। इसे बार-बार पान करने से साधक के भीतर ज्ञान, वैराग्य और भक्ति पुष्पित होते हैं।
प्रेत योनि से मुक्ति का प्रसंग
महाराज जी ने धुंधकारी प्रेत का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि “भागवत श्रवण से प्रेत योनि तक से मुक्ति संभव है।” उन्होंने बताया कि यदि कोई भक्त संकल्प लेकर कहे—
“हे प्रभु! इस कथा श्रवण का पुण्यफल मेरे पितरों को प्राप्त हो।”तो निश्चित ही उसके पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
भक्तिरस में डूबा पांडाल
कथा श्रवण कर रहे श्रद्धालुओं की आंखें कई प्रसंगों को सुनकर भक्ति से नम हो उठीं। हर कोई यही भाव प्रकट कर रहा था—
“राम नाम रस पीजै, मनवा पाप बिसारि।
जपहि नाम सियाराम का, होइ सुख अपारि॥”
कथा स्थल पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
इस अवसर पर महंत मटरुमल शर्मा महाराज, ज्येष्ठ पुत्र संजीव शर्मा, बड़े नाती यश भारद्वाज, रीनू शर्मा, राजीव शर्मा, दीपक माहेश्वरी, बाबा स्वतंत्र राठी, पुष्कीन गांधी, चारु सोमानी, मुकेश गुप्ता, सुभाष चन्द्र बाहेती, कपिल माहेश्वरी, रवि वार्ष्णेय, दिलीप शर्मा, शरद माहेश्वरी, सौरभ सोमानी, राजाबाबू वार्ष्णेय, विशाल भारत खासट सहित नगर के सैकड़ों भक्तगण उपस्थित रहे।भक्तों ने पुष्पवर्षा और भजन-कीर्तन के बीच कथा का रसपान कर अपने जीवन को धन्य बना रहे हैं।
आज के प्रसाद का वितरण ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल के प्रबंधक अनिल जैन के सौजन्य से किया गया,














