बिल्सी। नगर के सिद्धपीठ श्रीबालाजी धाम के तत्वावधान मे चल रही श्रीमद्भभागवत कथा का आज आठवाँ दिवस पूरा पंडाल भक्ति के सागर मे डुबकी लगाता दिखा । विगत आठ दिनों से कथा का आयोजन कछला स्टैंड स्थित ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल परिसर में हो रहा है। कथा के मुख्य यजमान एवं श्रोता स्वयं बालाजी जी महाराज हैं, जो प्रतिदिन दिव्य रथ से नगर भ्रमण कर कथा स्थल पर पधारते हैं।

कथा व्यास पुष्कर पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी रामचंद्राचार्य जी महाराज ने आज अपने मुखारविंद से कथा सुनाते हुए बताया कि सौनक जी के प्रश्न पर श्री सूत जी ने भागवत कथा का आरंभ किया। स्वामी जी ने विदुर जी और भगवान श्रीकृष्ण के प्रसंग, द्रौपदी चीरहरण की घटना तथा भागवत के महत्व को विस्तार से सुनाया। उन्होंने कहा कि—“जो भी भागवत का एक भी श्लोक जीवन में उतार ले, उसकी मुक्ति निश्चित है।”

पूज्य स्वामी जी महाराज ने कथा के दौरान धृतराष्ट्र के जीवन का प्रसंग सुनाते हुए कहा—”राजन! देखो धृतराष्ट्र ने अपने पुत्रों के प्रति अंधे मोह के कारण सत्य और धर्म का साथ नहीं दिया। उन्हें बार-बार चेताया गया कि लोभ और अन्याय का मार्ग विनाश की ओर ले जाता है। लेकिन धृतराष्ट्र अपनी आसक्ति में इतना डूब गया कि उसने अपने ही भाइयों—पांडवों—के साथ अन्याय करने की अनुमति दे दी।

उसकी यह एक भूल पूरे परिवार के नाश का कारण बन गई। महाभारत का युद्ध केवल इसीलिए हुआ क्योंकि एक पिता ने धर्म के स्थान पर पुत्र मोह को चुन लिया।

स्वामी जी ने कहा—”जो लोग धृतराष्ट्र का अनुकरण करते हैं, वे अपने परिवार का पतन स्वयं कर लेते हैं। लेकिन जो युधिष्ठिर के मार्ग पर चलते हैं, सत्य और धर्म का पालन करते हैं, उनके परिवार को परमात्मा का आशीर्वाद और सानिध्य मिलता है।”

उन्होंने भक्तों को संदेश देते हुए कहा कि परिवार, समाज और राष्ट्र की रक्षा धर्म से ही संभव है। अगर हम मोह, लोभ और अन्याय को अपनाएंगे, तो हमारा भविष्य भी धृतराष्ट्र के वंश की तरह नष्ट हो जाएगा।स्वामी जी की अमृतवाणी सुनकर भक्तजन भावविभोर हो उठे।

कल की भारी भीड़ को देखते हुए आज पंडाल को और बड़ा किया गया, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।

कार्यक्रम में महंत मटरुमल शर्मा महाराज, संजीव शर्मा, यश भारद्वाज, रीनू शर्मा,,नगर पालिका अध्यक्ष ज्ञानदेवी सागर, दीपक माहेश्वरी, बाबा स्वतंत्र राठी, पुष्कीन गांधी, चारु सोमानी, मुकेश गुप्ता, सुभाष चन्द्र बाहेती, कपिल माहेश्वरी, रवि वार्ष्णेय, दिलीप शर्मा, राधेश्याम शर्मा, शरद माहेश्वरी, सोमेन्द्र सोम, तोषनीवाल, छत्रपाल माहेश्वरी, जितेन्द्र वार्ष्णेय, रंजन माहेश्वरी, सौरभ सोमानी, दीपू माहेश्वरी, रोहित शर्मा, कंटू माहेश्वरी, देव वार्ष्णेय, राजेश माहेश्वरी, प्रवीण वार्ष्णेय, मोहित देवल, विशाल भारत खासट, राजाबाबू वार्ष्णेय, आशीष वशिष्ठ, हेमचंद्र वशिष्ठ, गोरेलाल शर्मा, आशीष वार्ष्णेय, आचार्य कुलदीप शर्मा, संदीप माहेश्वरी, लोकेश कुमार, अनुप माहेश्वरी, आशा शर्मा, भुवनेश शर्मा, सुवीन माहेश्वरी, राजीव माहेश्वरी, निशांत, टिंकू वार्ष्णेय, नीरज माहेश्वरी, आशा माहेश्वरी, सरिता माहेश्वरी, अनीता माहेश्वरी, सचिन माहेश्वरी, सुनील माहेश्वरी सहित भारी संख्या में भक्त और गणमान्य लोगों ने कथा का आनंद लिया।पितृपक्ष मे बिल्सी नगर मे हो रहे इस धार्मिक भक्ति, आस्था और सेवा के इस भव्य आयोजन में नगर का वातावरण पूर्णतः धार्मिक रंग में रंग गया है।

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