बिल्सी। नगर पालिका द्वारा रोडवेज बस स्टेशन के पास ग्राम अगोल रोड पर बनाए जा रहे नाले का निर्माण कार्य एक बार फिर विवादों में घिर गया है, जब गुरुवार शाम की बारिश में यह नाला दूसरी बार धराशायी हो गया। इस नाले की कुल लंबाई 200 मीटर है और लगभग 24 लाख रुपये की लागत से इसे बनाया जा रहा था।

यह वही नाला है जो इससे पूर्व 16 जून को हुई बारिश में पहली बार गिरा था, जिसे पुनः बनाया गया। स्वदेश केसरी ने उस समय भी निर्माण की खराब गुणवत्ता और अनियमितता को उजागर करते हुए प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। अब वही नाला फिर से ध्वस्त हो गया है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

कमीशनखोरी बनी बड़ी वजह, ठेकेदार और जेई पर सख्त कार्रवाई की मांग

नगरवासियों का कहना है कि नाले के निर्माण में खुलेआम घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया और कमीशनखोरी की परंपरा ने इसे और बदतर बना दिया। स्थानीय नागरिकों ने ठेकेदार को तत्काल ब्लैक लिस्ट करने और कार्य की निगरानी कर रहे जूनियर इंजीनियर (JE) के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

नगरपालिका अध्यक्ष ज्ञान देवी सागर ने इस बारे में कहा,

“जब तक नाला पूरी तरह से गुणवत्तापूर्वक तैयार नहीं हो जाता, तब तक संबंधित ठेकेदार को कोई भी भुगतान नहीं किया जाएगा। नाला गिरने की जिम्मेदारी पूरी तरह से ठेकेदार की है।”

बार-बार टूटने से गहराया अविश्वास, जांच की मांग

लगातार दूसरी बार नाला गिरने से न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा पर भी संकट खड़ा हो गया है। नगरवासियों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि“ऐसा घटिया निर्माण कार्य पहले कभी नहीं देखा। यह भ्रष्टाचार की उपज है। सिर्फ कागजों पर गुणवत्ता है, जमीन पर सिर्फ मलबा।”

जनता का सवाल – कब तक चलता रहेगा कमीशन का खेल?

बिल्सी नगर में निर्माण कार्यों में घटती गुणवत्ता के पीछे बढ़ती कमीशनखोरी को प्रमुख वजह माना जा रहा है। ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच बढ़ते कमीशन के खेल ने विकास कार्यों को मजाक बना दिया है।

नगर के प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापारियों और युवा संगठनों ने आयुक्त बरेली मंडल और डीएम बदायूं से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए निर्माण कार्यों की सतत निगरानी और सोशल ऑडिट की भी जरूरत बताई जा रही है।

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