बदायूं से प्रदीप कुमार शर्मा इस्लामनगर (बिल्सी) से ललित मोहन वार्ष्णेय की रिपोर्ट
एसएसपी ने दोनों सिपाहियों को किया निलंबित, सिपाहियों को हिरासत में लेकर उनकी भूमिका की हो रही जाँच एसओजी व तीन थानों की पुलिस अलर्ट,







बदायूं। जिले में पुलिस और अपराधी के बीच गजब की आंख-मिचौली का मामला सामने आया है। इस्लामनगर थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर धीरेंद्र यादव, जो दरोगा की मां की हत्या का आरोपी है, रविवार तड़के पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। इस फरारी से न केवल पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हत्या और मुठभेड़
12 अगस्त को इस्लामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम मौसनपुर में दरोगा मानवीर सिंह की मां रातरानी (65) की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि गांव के हिस्ट्रीशीटर धीरेंद्र यादव ने लूटपाट के इरादे से इस घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शनिवार देर रात अलीनगर के जंगल में मुठभेड़ के बाद धीरेंद्र को गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी थी। पुलिस ने उसके कब्जे से मृतका के लूटे गए आभूषण, हत्या में प्रयुक्त हसिया, एक तमंचा और कारतूस बरामद किए थे।
जिला अस्पताल में भर्ती
घायल होने के कारण आरोपी का पहले रुदायन सीएचसी में मेडिकल हुआ और फिर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। शनिवार की शाम 7:30 बजे उसे हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र और कांस्टेबल कुशहर की सुरक्षा में ऑर्थो वार्ड के बेड नंबर-15 पर भर्ती कराया गया।
शाम अधिक होने के कारण उसका एक्स-रे नहीं हो सका और रविवार को कराने की बात कही गई। इसी बीच रात में आरोपी ने मौका पाकर अपनी हथकड़ी से हाथ निकाल लिया और अस्पताल की करीब 6 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गया।
सिपाही निलंबित, मुकदमा दर्ज
सुबह करीब 5:30 बजे जब सिपाहियों की आंख खुली तो आरोपी नदारद था। दोनों ने अधिकारियों को सूचना दी। एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जांच की।
लापरवाही बरतने पर दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया और उन पर मुकदमा दर्ज कर हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस अलर्ट, सर्च ऑपरेशन
एसएसपी ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसपी सिटी की अगुवाई में विशेष टीम गठित की है। एसओजी और तीन थानों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है।
रोडवेज बस अड्डा, रेलवे स्टेशन जंगल और संदिग्ध ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वारदात की पृष्ठभूमि
मृतका रातरानी का बेटा मानवीर सिंह हापुड़ जनपद में पुलिस चौकी प्रभारी है। हत्या के बाद उसने गांव के हिस्ट्रीशीटर धीरेंद्र यादव पर शक जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
ग्रामीणों ने बताया कि धीरेंद्र हाल ही में जेल से छूटकर आया था और अपने परिवार समेत फरार था। पहले से ही उस पर हत्या, लूट और चोरी के 12 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इस सनसनीखेज फरारी ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी अपने ही शिकंजे से निकले इस अपराधी को दोबारा पकड़ पाती है।



















