


बदायूं।उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों के मर्जर के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। इसी क्रम में जनपद बदायूं में भी शिक्षकों ने विरोध की तैयारी शुरू कर दी है। संघ के जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रचार मंत्री संजीव शर्मा ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जिले में आंदोलन की रणनीति तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि विद्यालयों को पेयरिंग के नाम पर बंद किया जा रहा है। 150 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों को प्रधानाध्यापक विहीन किया जा रहा है, वहीं 100 से कम छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों को सरप्लस घोषित कर दिया गया है। इससे पूर्व भी जनपद में एक ही परिसर में चल रहे कई विद्यालयों का मर्जर किया जा चुका है।
रसोइयों की सेवा पर भी संकट
जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव ने कहा कि इस तरह के मर्जर से न सिर्फ विद्यालय बच्चों की पहुंच से दूर होंगे, बल्कि हजारों रसोइयों की सेवाएं भी समाप्त हो जाएंगी। वहीं जिला कोषाध्यक्ष सुशील चौधरी ने आरोप लगाया कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी शिक्षकों पर विद्यालय बंद कराने का दबाव बना रहे हैं, जो शिक्षा के अधिकार का हनन है।
ज्ञापन और धरना का कार्यक्रम घोषित
जिला प्रवक्ता आयुष भारद्वाज ने बताया कि 30 जून को प्रदेश के सभी 822 विकास खंडों में ग्राम प्रधानों व अभिभावकों के साथ बैठक कर विरोध प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके तहत 3 जुलाई को सहसवान व दहगवां विकास खंड में विधायक सहसवान को ज्ञापन दिया जाएगा।
इसी दिन बिसौली, इस्लामनगर व आसफपुर ब्लॉकों के शिक्षक प्रतिनिधि विधायक बिसौली, तथा दातागंज, समरेर, म्याऊं व उसावा ब्लॉकों के प्रतिनिधि विधायक दातागंज को ज्ञापन सौंपेंगे।
4 जुलाई को बड़ा प्रदर्शन
संघ ने 4 जुलाई को जगत, सलारपुर, वजीरगंज, अंबियापुर, उझानी व कादरचौक विकास क्षेत्रों के शिक्षक प्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों व एसएमसी अध्यक्षों को लेकर बदायूं शहर स्थित मालवीय अध्यापक आवास गृह पर एकत्र होने का आह्वान किया है। वहां से विधायक सदर श्री महेश चंद्र गुप्ता, विधायक बिल्सी श्री हरीश शाक्य और विधायक शेखूपुर श्री हिमांशु यादव को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
संघ ने की एकजुटता की अपील
जिला अध्यक्ष एवं प्रांतीय मंत्री संजीव शर्मा ने जिले के समस्त शिक्षकों, शिक्षिकाओं, अनुदेशकों, शिक्षामित्रों, ग्राम प्रधानों और अभिभावकों से छात्र-शिक्षक हित में संगठन के साथ खड़े होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी संगठन का नहीं, बल्कि पूरे समाज के भविष्य की आवाज है।


























