बिल्सी — नगर के मोहल्ला संख्या पांच स्थित शिव शक्ति भवन मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में गुरुवार को कथा व्यास आचार्य उमंग दीक्षित ने भक्तों को भावविभोर कर देने वाले प्रसंगों की अमृत वर्षा की। उन्होंने सुदामा चरित्र, पांडवों के राजसूय यज्ञ, भगवान श्रीकृष्ण की द्वारका विदाई, यदुवंश को ऋषियों द्वारा श्राप, देवताओं की प्रार्थना और उद्धव संवाद जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।

आचार्य ने कथा में बताया कि भगवान अपने भक्तों का अहंकार तोड़ते हैं। इंद्र जैसे देवताओं का भी घमंड भगवान के आगे नहीं चलता। इसलिए मनुष्य को कभी भी अपने पद, ज्ञान या वैभव का घमंड नहीं करना चाहिए। भगवान की भक्ति और विनम्रता ही जीवन का वास्तविक मार्ग है, जिससे कोई भी साधिका मोक्ष को प्राप्त कर सकती है।

कथा के अंतिम दिन विशेषकर महिलाओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण किया और भक्ति भाव से भर उठे।

समापन पर आज शुक्रवार, 25 जुलाई को प्रातः यज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसके पश्चात भंडारे का कार्यक्रम भी सम्पन्न होगा।

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