अरिहंत वृक्षारोपण समिति ने मनाया विश्व वानिकी दिवस
बिल्सी। नगर में कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रही अरिहंत वृक्षारोपण समिति द्वारा विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। समिति के संस्थापक की अध्यक्षता में सभी पदाधिकारियों और पर्यावरण प्रेमियों ने पौधे लगाकर वन संरक्षण का संदेश दिया।
इस दौरान ट्री-मैन प्रशांत ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व वानिकी दिवस मनाने का उद्देश्य है कि सभी देश वन-सम्पदा की रक्षा करें और उनके संरक्षण के लिए कार्य करें। उन्होंने बताया कि भारत में 657.6 लाख हेक्टेयर भूमि (22.7%) पर वन क्षेत्र है, लेकिन राष्ट्रीय वन नीति (1952) के अनुसार यह 33.3% होना चाहिए। वर्तमान में देश में जंगलों की कटाई और अवैध दोहन के कारण यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है।
वन बचाना राष्ट्रीय कर्तव्य: देव ठाकुर
कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष देव ठाकुर ने कहा कि वन हमारी राष्ट्रीय संपदा हैं, लेकिन औद्योगीकरण, खेती के विस्तार और लकड़ियों की बढ़ती मांग के कारण इनका अंधाधुंध दोहन हो रहा है। उन्होंने सभी से वृक्षारोपण को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के बिना मानव जीवन संभव नहीं है। उन्होंने प्रसिद्ध पर्यावरणविद कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी के शब्दों को दोहराते हुए कहा—
“वृक्षों का अर्थ है जल, जल का अर्थ है रोटी और रोटी ही जीवन है।”
पर्यावरण संरक्षण की शपथ
इस अवसर पर संरक्षक विष्णु असावा, देव ठाकुर, डॉ. नीरज अग्निहोत्री, डॉ. श्रीकृष्ण गुप्ता, पीयूष वार्ष्णेय, अनुज वार्ष्णेय, रमेश बाबू शर्मा, सौरभ वर्मा समेत कई पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने पौधारोपण कर अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की शपथ ली।


























