बदायूं। थाना कादरचौक पुलिस ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गैंग का भंडाफोड़ करते हुए उड़ीसा की 3 युवतियों समेत 6 तस्करों को गिरफ्तार किया है। तस्कर बदायूं के रहने वाले हैं और इनके पास से एक अर्टिगा कार व 20 किलो गांजा बरामद हुआ है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
युवतियों को बनाते थे ढाल, ताकि पुलिस न पकड़े
इस गैंग का नेटवर्क उत्तर भारत के कई राज्यों में फैला हुआ था। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि तस्करी में पकड़ी गई युवतियां पुलिस से बचने के लिए ढाल के रूप में काम करती थीं। तस्कर इन्हें साथ लेकर चलते थे ताकि पुलिस चेकिंग में संदेह न करे।
युवतियां ट्रेन से मथुरा तक पहुंची, फिर कार में बदायूं आ रही थीं
तस्करी की इस योजना के तहत युवतियां मथुरा तक ट्रेन से आईं, जहां से तस्कर उन्हें अर्टिगा गाड़ी में बैठाकर बदायूं ला रहे थे। लेकिन कासगंज बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान यह गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान
थानाध्यक्ष उदयवीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में—
- आलिम (निवासी गांव आसपुर, बदायूं)
- टिंकू (निवासी चंदीनगला, थाना अलापुर, बदायूं)
- मुकर्रम (निवासी मसूदपुरा, थाना उसहैत, बदायूं)
जबकि गिरफ्तार तीनों महिला तस्कर उड़ीसा की रहने वाली हैं—
- शिवानी नाईक उर्फ सुमिता नाईक (निवासी वैंगीपानी, थाना मथली, जिला मलकानगिरि)
- गीता जानी (निवासी निगुरी, थाना सिमली कुडा, जिला कोटापुर)
- रिया नाईक उर्फ ज्योति नाईक (निवासी वैंगीपानी, थाना मथली, जिला मलकानगिरि)
इस तरह करते थे गांजा की तस्करी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गैंग का सरगना आलिम उड़ीसा से गांजा लाता था और इसे दिल्ली समेत उत्तर भारत के अन्य राज्यों में सप्लाई करता था। तस्कर युवतियों को साथ रखकर गांजा की तस्करी बेखौफ तरीके से करते थे, क्योंकि महिलाओं को देखकर पुलिस शक नहीं करती थी।
पुलिस कर रही गिरोह की जांच
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार युवतियां खुद इस तस्करी में शामिल थीं या इन्हें किसी लालच में इस धंधे में धकेला गया था। साथ ही, यह गिरोह और किन-किन राज्यों में सक्रिय था, इस बारे में भी पुलिस तहकीकात कर रही है।


























