बदायूं का देहगवां ब्लॉक लगातार गौवंशों के लिए अत्याचार का केंद्र बनता जा रहा है। एक और गंभीर मामला ग्राम रदनौल अजीजपुर से सामने आया है, जहां के ग्राम प्रधान और सचिव की मिलीभगत से बिना जिलाधिकारी की अनुमति के गायों को जिला संभल भेजने की घटना उजागर हुई है।




गौ रक्षकों ने पकड़ी एक गाड़ी, बाकी गाड़ियां निकल गईं
इस मामले में गौ रक्षकों ने एक गाड़ी को पीछा करके रोक लिया, लेकिन बाकी गाड़ियां निकल गईं। यह घटना गौ तस्करी की ओर साफ संकेत करती है। आरोप है कि ग्राम सचिव जिलाधिकारी से भी ऊपर अधिकारी बनकर अपने स्तर पर फैसले ले रहे हैं।
ग्राम प्रधान और सचिव का पुलिस पर दबाव
ग्राम प्रधान और सचिव ने पुलिस को कार्रवाई न करने के लिए पत्र लिखा है, जो उनके इरादों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और गौ रक्षकों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां गौ संरक्षण के नाम पर चल रही औपचारिकता की पोल खोलती हैं।
गौ रक्षकों की मांग: सख्त कार्रवाई
इस घटना के बाद गौ रक्षक और स्थानीय लोग ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा गौ तस्करी जैसी घटनाएं बढ़ती रहेंगी।देहगवां ब्लॉक में इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।


























