कासगंज जिला संवादाता अरविन्द शर्मा, बिल्सी से ललित वार्ष्णेय की रिपोर्ट
कासगंज में एक अजीब घटना ने पुलिस महकमे को पूरे रातभर परेशान कर दिया। बदायूं के बिल्सी के दो आलू व्यापारी, वकील अहमद और शाहिद, जो अपने ड्राइवर इसरार के साथ राजस्थान के भरतपुर से लौट रहे थे, के कथित अपहरण की सूचना ने पुलिस को अलर्ट कर दिया। व्यापारियों के पास करीब एक करोड़ रुपये की नगदी होने की खबर ने मामले को और गंभीर बना दिया।
स्कार्पियो सवार बदमाशों से अपहरण की सूचना
शनिवार शाम को, सोरों निवासी व्यापारी अब्दुल रशीद ने कोतवाली सोरों में सूचना दी कि उनके पार्टनर, वकील अहमद और शाहिद, तकादा करके अपनी i20 कार से लौट रहे थे। रास्ते में बांकनेर गांव के पास स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने कथित तौर पर उन्हें और उनके ड्राइवर को गाड़ी सहित अगवा कर लिया। इस सूचना ने पुलिस को हरकत में ला दिया।
पुलिस ने शुरू की व्यापक कार्रवाई
कासगंज पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल नाकाबंदी की और आसपास के जिलों एटा, हाथरस, अलीगढ़ और बदायूं की पुलिस को भी सतर्क किया। एसओजी और सर्विलांस टीमों को तैनात कर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और संभावित मार्गों पर कड़ी नजर रखी गई।
हिरासत में लिए जाने का हुआ खुलासा
हालांकि, जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। यह अपहरण का मामला नहीं था, बल्कि दिल्ली पुलिस त्रिलोकपुरी थाने में किसी अन्य मामले में गाडी के ड्राइवर इसरार की तलाश थी जिसके चलते इन सभी व्यापारियों को मय गाड़ी के हिरासत में लेकर दिल्ली ले गए हैं । जैसे ही यह जानकारी सामने आई, कासगंज पुलिस की परेशानियां खत्म हुईं, लेकिन इस झूठी सूचना ने पूरे महकमे को रातभर थका दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती की पुष्टि
अपर पुलिस अधीक्षक कासगंज, राजेश भारती ने बताया कि अपहरण की सूचना गलत थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस से संपर्क कर व्यापारियों की स्थिति की पुष्टि की गई। इस घटना ने एक बार फिर से झूठी सूचनाओं के गंभीर प्रभाव को उजागर किया है, जिससे पुलिस की संसाधनों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।


























