
बदायूं, 20 दिसंबर।
बदायूं के लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड कार्यालय पर कॉन्ट्रैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। ठेकेदारों ने सरकार द्वारा जल्दबाजी में लिए गए फैसलों का कड़ा विरोध किया और अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक धरना जारी रखने का ऐलान किया।
ठेकेदारों की मुख्य मांगें
- नियमों का पालन सुनिश्चित करना:
- बिना स्वीकृति और बिना एस.ओ.पी. (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी किए निविदाएं आमंत्रित करना।
- पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना) के पैटर्न को अपनाना और उसी दरों पर कार्य कराना।
- 5 वर्षीय अनुरक्षण प्रणाली का विरोध:
- ग्रामीण सड़कों पर 5 वर्षीय अनुरक्षण व्यवस्था को अव्यवहारिक बताया गया।
- ठेकेदारों का कहना है कि 2 सेंटीमीटर की क्रेस्ट मोटाई वाली सड़कों पर लंबे समय तक अनुरक्षण कैसे संभव होगा?
- जलभराव और बरसात के कारण खराब होने वाली सड़कों का रखरखाव भी स्पष्ट नहीं है।
- भुगतान में देरी:
- कोषागार प्रणाली के कारण पार्ट-2 और पार्ट-5 का भुगतान लंबित।
- डिपॉजिट मद, बिटुमिन बुकिंग और लैप्स धनराशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया।
- 12 सितंबर के ज्ञापन पर कार्रवाई न होना:
- 12 सितंबर को 6 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई सुनवाई या कार्रवाई नहीं हुई।
धरने में ठेकेदारों की एकजुटता
धरने में शामिल ठेकेदारों ने सरकार पर आरोप लगाया कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
बलवीर सिंह (जिला अध्यक्ष, ठेकेदार यूनियन) ने कहा, “हमारी समस्याओं को अनदेखा किया जा रहा है। ठेकेदारों को समय पर भुगतान न होने और अव्यवहारिक नियमों से काम करना मुश्किल हो रहा है।”
आंदोलन के समर्थन में शामिल ठेकेदार
धरने में देवेंद्र सिंह (महामंत्री), मनिंदर सिंह, अवनीश सिंह, सुरेंद्र प्रताप सिंह, कालीचरण, नवनीत सक्सेना, राहुल पाठक, अशोक कुमार शर्मा, सुमित तोमर, पंकज तोमर, गिरीश पाल सिंह, अमित पांडे, सोमेंद्र यादव, और जितेंद्र पाल समेत बड़ी संख्या में ठेकेदार शामिल रहे।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
ठेकेदारों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक निविदा बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस आंदोलन से सड़कों के निर्माण और अनुरक्षण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ठेकेदारों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है ताकि विकास कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।

























