बदायूं, 12 दिसंबर।
बदायूं की प्रतिष्ठित एचएसजे (हरसहायमल श्यामलाल ज्वैलर्स) फर्म से 33 लाख से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। फर्म के अकाउंटेंट और सेल्सगर्ल ने मिलकर यह गबन किया। फर्म के मालिक द्वारा मामले की शिकायत पुलिस में की गई, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट का रुख किया। कोर्ट के आदेश पर सदर कोतवाली में पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

क्या है मामला?
फर्म के मालिक और सर्राफा कारोबारी सचित प्रकाश ने एफआईआर में बताया कि आयुषी शर्मा ने 1 जनवरी 2021 को सेल्सगर्ल के रूप में उनकी फर्म में नौकरी शुरू की थी। उसे 9,000 रुपये मासिक वेतन मिलता था। वहीं, उझानी निवासी मंशित गर्ग ने 1 अप्रैल 2022 को अकाउंटेंट के रूप में 25,000 रुपये मासिक वेतन पर नौकरी शुरू की।
आयुषी ने 5 अगस्त 2022 को नौकरी छोड़ दी, जबकि मंशित ने 31 मार्च 2024 को फर्म से इस्तीफा दे दिया। बाद में दोनों ने शादी कर ली।
गबन कैसे हुआ?
आडिट के दौरान पता चला कि मंशित ने 2022 से ही आयुषी के खाते में पैसे ट्रांसफर करना शुरू कर दिए थे। पहले महीने में 50,000 रुपये और फिर डेढ़ लाख रुपये भेजे गए। इसके बाद हर महीने धनराशि भेजी गई। जांच में सामने आया कि 2022 और 2023 के दौरान कुल 33,46,838 रुपये आयुषी के खाते में ट्रांसफर किए गए।
खातों की डिटेल से हुआ खुलासा
फर्म की ओर से आयुषी के बैंक खातों की जांच की गई तो यह भी पता चला कि उसने मंशित के पिता विनय गर्ग, भाई देवांश गर्ग और प्रियांशु के खातों में भी रकम ट्रांसफर की थी।
कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज
फर्म के मालिक द्वारा पुलिस में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर सदर कोतवाली में आयुषी शर्मा, मंशित गर्ग, विनय गर्ग, देवांश गर्ग और प्रियांशु के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
और भी खुलासे संभव
एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि आडिट अभी जारी है और फर्जीवाड़े के अन्य मामले सामने आ सकते हैं। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है।
यह मामला बदायूं के व्यावसायिक जगत में चर्चा का विषय बन गया है। फर्म के मालिक ने धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

























