बदायूं। शहर के शहबाजपुर चौराहे पर रविवार को ट्रैफिक पुलिस कर्मी सत्येंद्र चौधरी ने मानवता की मिसाल पेश की। एक शराबी व्यक्ति नशे में धुत होकर सड़क किनारे नाले में गिर गया। इस दौरान लोग तमाशा देखते रहे, लेकिन ट्रैफिक पुलिस के सिपाही सत्येंद्र चौधरी ने अपनी वर्दी और जूतों की परवाह किए बिना नाले में उतरकर उसकी जान बचाई।
घटना का विवरण
दोपहर करीब 3 बजे शहबाजपुर चौराहे पर नशे में धुत एक व्यक्ति अचानक नाले में गिर गया। नाला गंदे पानी और कीचड़ से भरा हुआ था। आसपास मौजूद लोग पहले तो उसे बाहर निकालने की हिम्मत नहीं जुटा सके, लेकिन इस बीच ट्रैफिक पुलिस कर्मी सत्येंद्र चौधरी ने मौके पर पहुंचकर बिना समय गंवाए नाले में छलांग लगा दी।
वर्दी और जूते हुए कीचड़ से सने, फिर भी बचाई जान
सत्येंद्र चौधरी की वर्दी और जूते नाले के गंदे पानी और कीचड़ से सन गए, लेकिन उन्होंने इसकी परवाह नहीं की। स्थानीय लोगों की मदद से सत्येंद्र ने शराबी व्यक्ति को बाहर निकाला और उसकी जान बचाई। उनकी इस बहादुरी और मानवीय कर्तव्य की सभी ने सराहना की।
स्थानीय व्यक्ति ने साझा की घटना
इस घटना को विकेंद्र शर्मा, जो एक पशु प्रेमी के रूप में जाने जाते हैं, ने स्वदेश केसरी न्यूज़ से साझा किया। उन्होंने बताया कि सत्येंद्र चौधरी ने बिना किसी डर और झिझक के नाले में उतरकर एक व्यक्ति की जान बचाई। विकेंद्र ने लिखा, “ट्रैफिक पुलिस कर्मी सत्येंद्र चौधरी ने दिखा दिया कि ड्यूटी निभाने के साथ-साथ मानवता का कर्तव्य सबसे बड़ा है।”
लोगों ने की तारीफ
घटना के बाद आसपास के लोग और सोशल मीडिया पर लोग सत्येंद्र चौधरी की तारीफ कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह के पुलिसकर्मी समाज के लिए प्रेरणा हैं। उनकी तत्परता और सेवा भावना ने यह साबित किया कि वर्दी पहनना सिर्फ कानून व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर इंसानियत को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
प्रशासन ने सराहा
पुलिस अधीक्षक ने भी सत्येंद्र चौधरी के इस कार्य की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे पुलिसकर्मी विभाग के लिए गर्व की बात हैं। उनका यह प्रयास अन्य पुलिसकर्मियों को भी प्रेरित करेगा।
निष्कर्ष:
ट्रैफिक पुलिस कर्मी सत्येंद्र चौधरी का यह कदम समाज में सकारात्मक संदेश देता है। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना एक व्यक्ति को बचाकर यह साबित कर दिया कि मानवता हर चीज से ऊपर है। विकेंद्र शर्मा द्वारा साझा की गई इस घटना ने पूरे शहर में सत्येंद्र चौधरी को एक नायक के रूप में स्थापित कर दिया है।

























