
बदायूं में बुधवार को ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन की एक बैठक संघ कार्यालय पर आयोजित की गई। बैठक में ठेकेदारों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक उनकी लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक निविदा बहिष्कार जारी रहेगा।
ठेकेदारों ने बैठक में कहा कि सरकार द्वारा जारी किए गए नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। बिना स्वीकृति और बिना एसओपी जारी किए निविदा आमंत्रित की जा रही हैं। इसके अलावा, 5 वर्षीय अनुरक्षण व्यवस्था लागू करने में कई खामियां हैं। ठेकेदारों ने कहा कि ग्रामीण मार्गों की खराब स्थिति, सड़कों की अपर्याप्त क्रेस्ट मोटाई, और जलभराव जैसी समस्याओं के बावजूद 5 साल का अनुरक्षण लागू करना अव्यवहारिक है।
उन्होंने यह भी शिकायत की कि कोषागार प्रणाली के कारण पार्ट 2 और पार्ट 5 के भुगतान लंबित हैं। विटुमिन बुकिंग और लैप्स धनराशि का भुगतान भी अब तक नहीं किया गया है। ठेकेदारों ने यह आरोप लगाया कि 12 सितंबर को बरेली समेत प्रदेश के सभी जोन में दिए गए ज्ञापन पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की है कि पीएमजीएसवाई पैटर्न को अपनाते हुए उचित दरें लागू की जाएं और ठेकेदारों की सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। ठेकेदारों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

























