
बदायूं: ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा अपनी विभिन्न मांगों के लिए आयोजित दो दिवसीय धरना आज, 12 नवंबर को समाप्त हुआ। एसोसिएशन के अध्यक्ष बलवीर सिंह यादव ने जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री के लिए ज्ञापन सौंपा, जिसमें ठेकेदारों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई। धरना स्थल पर एसोसिएशन के सदस्य ठेकेदार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
ठेकेदारों की प्रमुख मांगें
- नियमों का उचित पालन
ठेकेदारों ने शिकायत की कि निविदा आमंत्रण प्रक्रिया बिना स्वीकृति और बिना मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी किए की जा रही है, जिससे ठेकेदारों में असंतोष बढ़ रहा है। - 5 वर्षीय अनुरक्षण में असमानता
एसोसिएशन ने ग्रामीण मार्गों पर 5 वर्षीय अनुरक्षण व्यवस्था लागू करने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि ग्रामीण सड़कों की स्थिति और कस्बाई क्षेत्रों में जलभराव जैसी समस्याओं को ध्यान में रखे बिना अनुरक्षण के नए नियम लागू किए गए हैं। उनका सुझाव है कि पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना) पैटर्न के अनुरूप अनुरक्षण दरें निर्धारित की जाएं। - कोषागार प्रणाली में भुगतान में देरी
ठेकेदारों की डिपॉजिट राशि, पार्ट 2 और पार्ट 5 का भुगतान, विटुमिन बुकिंग और लैप्स राशि का भुगतान न होने पर भी ठेकेदारों में असंतोष है। उनका कहना है कि भुगतान में देरी से ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। - 12 सितंबर को दिए गए ज्ञापनों पर कोई कार्रवाई न होना
एसोसिएशन ने बताया कि 12 सितंबर को बरेली सहित प्रदेश के सभी जोन में 6 सूत्री मांगों को लेकर एकदिवसीय धरना और ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन आज तक उन मांगों पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है।
आगे की रणनीति
ठेकेदार संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक निविदा बहिष्कार जारी रहेगा। अध्यक्ष बलवीर सिंह यादव ने कहा, “हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि ठेकेदारों के हक में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।”

























