

बिल्सी। श्री रामकृष्ण सेवा समिति के तत्वाधान में महेश्वरी भवन में चल रही श्री राम कथा के सातवें दिन संत अयोध्या दास रामायण जी ने अध्यात्मिक विषय पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि श्री राम का चरित्र अत्यंत विचित्र है और देवता भी इसके रहस्य को नहीं समझ पाए। उन्होंने बताया कि श्री रामचरितमानस का मूल यही है कि हमें श्री राम की तरह मर्यादित होकर अपने जीवन में उतारना चाहिए। संत रामायण जी ने यह भी कहा कि विद्वान और महान बनना आसान है, लेकिन नेक इंसान बनना बहुत कठिन है।
आज राम कथा में क्षेत्रीय विधायक हरीश शाक्य ने भी पहुंचकर कथा का श्रवण किया और तत्पश्चात भगवान राम की आरती उतारी। इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्य नरेंद्र मोहन गरल, सत्यपाल वार्ष्णेय, मनोज वार्ष्णेय, लोकेश वार्ष्णेय, नीरज महेश्वरी, संजीव वार्ष्णेय, दुर्गेश बाबू, दिनेश बरसाने, डीडी शिव ओम महेश्वरी, आशीष वशिष्ठ सहित सैकड़ों श्रद्धालु महिला और पुरुष मौजूद रहे। अंत में प्रसाद का वितरण किया गया।

























