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गुधनी: वेद कथा का तृतीय दिवस- मनुष्य का जीवन परोपकार के लिए ही मिला है: आचार्य संजीव रूप

गुधनी (बिल्सी): तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी ग्राम स्थित आर्य समाज मंदिर में चल रही वेद कथा के तीसरे दिन आचार्य संजीव रूप ने अपने प्रवचनों में कहा कि मनुष्य का जीवन परोपकार के लिए ही मिला है। उन्होंने बताया कि जो दूसरों के दुखों को दूर करता है और खुशियाँ बांटता है, वही धार्मिक होता है और ईश्वर का प्यारा बनता है।

प्रसिद्ध वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने वेद कथा की अमृत वर्षा करते हुए कहा कि जीवन में धन से अधिक शांति का महत्व है। उन्होंने एक घमंडी राजा की कहानी सुनाई, जिसमें संत ने राजा को यह समझाया कि राज्य का मूल्य एक लोटा पानी से अधिक नहीं है। आचार्य ने संदेश दिया कि धन-वैभव पर घमंड नहीं करना चाहिए, बल्कि दूसरों की मदद करने और खुशियाँ बांटने के लिए जीवन का उपयोग करना चाहिए।

इस अवसर पर कुमारी रूचिकुमारी, ईशा आर्य, कुमारी कौशिकी रानी, श्रीमती मुन्नी देवी, और श्रीमती कमलेश देवी ने भजन प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में श्रीमती ज्योति रानी, श्रीमती संतोष कुमारी, श्रीमती भावना रानी, विश्वजीत आर्य, विपनेश आर्य, किशनपाल आर्य, राकेश आर्य, और हरपाल सिंह सहित अन्य श्रद्धालु भी उपस्थित रहे।

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