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योगी को मिली खुली छूट,संगठन में डिप्टी सीएम मौर्य की लगी क्लास ! हद में रहने की ……

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश भाजपा में कलह के कयास लग रहे हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी हाल ही में दिल्ली गए थे। इस दौरान जेपी नड्डा से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी तक से मुलाकात हुई थी। खासतौर पर यूपी में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से पहले इन चर्चाओं ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने फ्रंटफुट पर खेलने के संकेत दिए हैं और उपचुनाव की तैयारियों की कमान संभाल ली है।

गाजियाबाद, कुंदरकी, मिल्कीपुर समेत कई चर्चित सीटों पर उपचुनाव होना है। ऐसे में भाजपा चाहती है कि इन सीटों पर अच्छे प्रदर्शन से लोकसभा चुनाव की हार को पीछे छोड़ा जाए। उधर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केशव प्रसाद मौर्य को भी समझा लिया गया है, साथ ही हद में रहने की चेतावनी भी दी गई है। गौरतलब है कि 2022 में चुनाव हारने के बाद भी केशव प्रसाद मौर्य को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था।

अभी चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन सीएम योगी पहले ही सरकार और संगठन के पेच कसना चाहते हैं। ऐसा इसलिए कि मंत्री अपने इलाकों में जिम्मेदारी संभाल लें और संगठन भी सक्रिय हो जाए ताकि चुनाव के ऐलान के वक्त दबाव न रहे। सीएम योगी ने हाल ही में सभी 10 विधानसभा सीटों से जुड़े लोगों की मीटिंग भी बुलाई थी और प्रभारी तय किए गए थे। सीएम योगी ने मंत्रियों और नेताओं को संकेत दिया है कि वे लोगों की समस्याओं को सुनें और जनसंपर्क बढ़ाएं। खासतौर पर बूथ मैनेजमेंट पर जोर दिया जाए।

बुधवार को इस बारे में मीटिंग हुई थी, जिसमें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक नहीं पहुंचे थे। दोनों नेता दिल्ली में थे। इसकी चर्चाएं भी खूब रहीं, लेकिन योगी आदित्यनाथ ने चुप्पी साध रखी है और मिशन-10 पर जुट गए हैं। कयास इसलिए भी बढ़े थे क्योंकि भाजपा के संगठन के भी कई सीनियर नेता मौजूद नहीं थे। इस पर जब सवाल हुए तो भाजपा के नेताओं ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी। उन्होंने कहा कि अभी तो यह सरकार का ही काम है। चुनाव के ऐलान के बाद संगठन भी सक्रिय हो जाएगा। वहीं योगी आदित्यनाथ समर्थकों का कहना है कि सीएम चाहते हैं कि प्रदर्शन अच्छा रहे। इसके लिए वह निजी तौर पर बहुत मेहनत कर रहे हैं।

सीएम योगी फ्रंटफुट पर, कांवड़ रूट की दुकानों पर नाम लिखने का आदेश

यूपी में खराब नतीजों का सीधा असर सीएम योगी की छवि पर भी पड़ सकता है। इसलिए वह काफी सक्रिय हैं और चाहते हैं कि लोकसभा चुनाव वाली हार की निराशा दूर की जाए। योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों की मीटिंग तब बुलाई, जब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक दिन पहले ही कहा था कि संगठन सरकार से बड़ा है। यही नहीं इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर भी ऐसी ही पोस्ट शेयर की थी। खबर है कि योगी आदित्यनाथ की मीटिंग में सबसे ज्यादा चर्चा मिल्कीपुर विधानसभा की रही। इस सीट से अवधेश प्रसाद विधायक थे, जो अब फैजाबाद के सांसद हैं। अयोध्या वाली सीट से उनकी जीत ने भाजपा खेमे में चिंताएं बढ़ाई हैं। अब योगी चाहते हैं कि मिल्कीपुर में जीत से हालात बदले जाएं।

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