बिसौली। बिसौली के सबसे चर्चित केस में नया मोड़ आ गया है, सीओ सुनील कुमार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है नाई के खिलाफ एससी एसटी एक्ट का झूठा मुकदमा लगवाने के आरोप में फंसने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शनी ने सीओ के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच शुरू कर दी है एसपी ने एसपी देहात राममोहन सिंह को प्रकरण की जांच सौंपते हुए रिपोर्ट मांगी है। विदित हो नाई ने एसएसपी बदायूं के समक्ष पेश होकर सीओ बिसौली पर एससी एसटी एक्ट का झूठा मुकद्दमा दर्ज़ करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की थी।
सीओ बिसौली और आप है कि उन्होंने बिसौली निवासी नाई विनोद कुमार को उसकी दुकान पर सिपाही भेज कर उठा लिया था उसे 24 घंटे तक अवैध हिरासत में रखा गया। नाई विनोद की बस इतनी खता थी की सीओ बिसौली ने उसे अपने आवास पर बुलाया था लेकिन दुकान पर पहले से बैठे ग्राहकों के काम निपटाने के चलते उसके पहुंचने में थोड़ी देरी हो गई थी, जिसके कारण सीओ बिसौली उस पर भड़क गए साथ ही उसको गंदी गन्दी गालियां देते उसके साथ दुर्व्यवहार करते हुए भगा दिया। जब नाई के परिजनों ने पूरे मामले को उजागर किया तो एक सफाई कर्मी से पुलिस ने तहरीर लेकर नाई पर झूठा आरोप लगाया कि उसने सफाई कर्मी को जाति सूचक शब्द कहते हुए उसके बाल काटने से इनकार कर दिया इसी आधार पर नाई के खिलाफ मुकदमा कोतवाली बिसौली में दर्ज हुआ था। फ़िलहाल एसएसपी ने मामले को जांच एसपी देहात को सौंप पर रिपोर्ट मांगी गई है। इधर 4 जून को जिले में लोकसभा के मतगणना के कारण पुलिस उसी में व्यस्त रहेगी जिस कारण इस मामले की जांच रिपोर्ट भी 4 जून के बाद ही आने की सम्भावना है। वहीं यह केस पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

























