

बदायूँ। बदायूँ की साहित्यिक पहचान को अपनी निडर,प्रखर और प्रवर रचनाधर्मिता से और अधिक चमकाने वाले वरिष्ठ साहित्यकार थे टिल्लन वर्मा जी यह कहना है अंतराष्ट्रीय कवियत्री सोनरूपा विशाल का,आज उन्होंने अपने निवास पर उझानी के बरिष्ठ साहित्यकार कवि टिल्लन वर्मा के अवसान पर शोकसभा का आयोजन किया जिसमें बदायूँ की साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था आचमन, शब्दिता एवं उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।
संस्थाओं की संस्थापक डॉ.सोनरूपा विशाल ने टिल्लन वर्माजी से जुड़े संस्मरणों को याद करते हुए कहा कि उनकी ख्याति हिंदी साहित्य एवं बदायूँ के निष्पक्ष और समृद्ध कवि, जनकवि के रूप में थी। टिल्लन वर्मा जी के प्रति सदा नमित रहेगा। उन्होंने बताया कि टिल्लन वर्मा जी उत्तर प्रदेश साहित्य सभा बदायूँ शाखा के उपाध्यक्ष भी थे।
संस्था की ओर से मंजुल शंखधार, मधु राकेश,मधु शर्मा,शुभ्रा माहेश्वरी,अंजलि शर्मा,अभिषेक अनंत,रीना सिंह तथा अन्य सदस्यों ने टिल्लन वर्मा जी को अपने भाव सुमन अर्पित किये।

























