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India Water Crisis Forecast Report; Water Shortage By 2050 In 50% Of Districts | बड़ी चुनौती-भारत में दुनिया की 17% आबादी और पानी 4%: रिपोर्ट में दावा- देश के 50% जिलों में 2050 तक गंभीर जल संकट हो सकता है

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नई दिल्ली/चेन्नई40 मिनट पहले

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140 करोड़ की आबादी वाले देश में 75% भारतीयों को अभी भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है - Dainik Bhaskar

140 करोड़ की आबादी वाले देश में 75% भारतीयों को अभी भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है

दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाले देश भारत में जल संकट का गंभीर खतरा है। देश के कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन को बढ़ावा देने से जुड़ी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2050 तक भारत के 50% से ज्यादा जिलों में पानी का विकट संकट हो सकता है।

डीसीएम श्रीराम और सत्व नॉलेज की एक रिसर्च रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2050 तक देश में प्रति व्यक्ति जल की मांग में 30% की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जबकि देश की बढ़ती आबादी और जल संसाधनों की कमी के चलते प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता में 15% की कमी आ सकती है।

पानी की बढ़ती मांग और सप्लाई में कमी के चलते संतुलन बिगड़ने की संभावना है। इसी कारण 2050 तक देश के 50% जिलों में पानी का भयंकर संकट खड़ा हो सकता है।

चुनौती: कृषि सेक्टर में सबसे ज्यादा पानी इस्तेमाल होता है
रिपोर्ट के मुताबिक देश में जल संकट के पीछे कृषि सेक्टर बड़ी वजह है। कृषि प्रधान देश होने के कारण देश के कुल जल का 80 से 90% हिस्सा खेती में इस्तेमाल होता है। इसके बाद घरेलू उपयोग और इंडस्ट्री सेक्टर में जल का प्रयोग होता है। यह ट्रेंड 2025 से लेकर 2050 तक भी जारी रहने का अनुमान है।

सलाह: कुशल सिंचाई के द्वारा जल बचाने की जरूरत
भारत के कुल फसल उत्पादन का 90% हिस्सा 3 प्रमुख फसलों- धान, गन्ना और गेहूं का है। देश के अधिकांश किसान सतही सिंचाई का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें जल उपयोग की दक्षता 35% ही होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर सिंचाई जल का दक्षता से उपयोग किया जाए, तो 20% पानी को बचा सकते हैं।

ट्रांसफॉर्मिंग क्रॉप कल्टीवेशन: एडवांस वाटर इफिशिएंसी इन इंडियन एग्रीकल्चर रिपोर्ट के अनुसार, भारत में दुनिया की 17% आबादी है, लेकिन हमारे पास दुनिया के पानी के सिर्फ 4% संसाधन ही हैं। प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता को मापने वाले फ्लेंकेनमार्क इंडेक्स के मुताबिक प्रति व्यक्ति 1700 क्यूबिक मीटर से कम पानी वाले इलाकों को जल संकट से ग्रस्त माना गया है। इस इंडेक्स के हिसाब से 76% भारतीयों के पास अभी भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है।

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