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स्कार्पियों रेलवे क्रासिंग के खंभे से टकराई; इस्लामनगर निवासी परिवार के चार लोगों की मौत,

बिल्सी/इस्लामनगर/ मुरादाबाद हरिद्वार हाईवे पर जनपद मुरादाबाद के कांठ में रसूलपुर रेलवे क्रासिंग के पास रविवार सुबह तड़के 5:00 बजे दर्दनाक हादसा हुआ है , हादसे में एक स्कॉर्पियो कार रेलवे क्रॉसिंग के खंभे से टकराकर पलट गई जिसमें सवार नंद भाभी सहित दो बच्चों की दुखद मौत हो गई जबकि परिवार के दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के पीछे कार चालक को छपकि आना बताया जा रहा है।

हादसे का शिकार हुआ परिवार बिल्सी तहसील के कस्बे इस्लामनगर का मूल निवासी बताया गया है, परिवार होली के बाद देहरादून से होली मिलने इस्लामनगर आ रहा था, बतादें उक्त परिवार एक दशक पूर्व इस्लामनगर से देहरादून जाकर बस गया था जहाँ इनका सर्राफा का व्यवसाय था ।

इस हृदय विदारक हादसे से रस्तोगी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पूरा मोहल्ला इस हादसे के बाद से गमजदा है। हादसे के बाद परिवार के अन्य सदस्य भी मुरादाबाद के लिए रवाना हो गए थे।

डांडीपुर मोहल्ले की संगीता रस्तोगी और उनकी भाभी आरती रस्तोगी के लिए मौत की अलग ही प्लानिंग चल रही थी। दो साल पहले एक ही दिन दोनों के सुहाग उजड़े थे। अब दोनों ननद-भाभी को भी मौत एक ही साथ अपने आगोश में ले लिया। मुरादाबाद में हुए इस हृदय विदारक हादसे से रस्तोगी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

उत्तराखंड के देहरादून के तिलक रोड स्थित डांडीपुर मोहल्ले का रस्तोगी परिवार सोने का कारोबार करता है। मुरादाबाद हादसे में गाड़ी में सवार यश रस्तोगी 28 वर्ष,आरती रस्तोगी पत्नी दिलीप रस्तोगी, 45 वर्ष संगीता रस्तोगी पत्नी पंकज रस्तोगी,व कुमारी अंशिका पुत्री दिलीप रस्तोगी 18 वर्ष इन चारों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि कार चला रहा आरती का बेटा अतुल और संगीता की बेटी गुड़िया गम्भीर घायल हुए हैं।

हादसे के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। रस्तोगी परिवार के सदस्यों ने बताया, संगीता के पति पंकज रस्तोगी और उनके साले (संगीता के भाई) दिलीप रस्तोगी एक ही मकान में रहते थे। दोनों की अलग-अलग दुकानें हैं। पंकज रस्तोगी लिवर की बीमारी से ग्रस्त थे। उनकी मौत 26 जनवरी 2022 की रात हुई थी। अभी परिवार में गम का माहौल था। रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा हुआ था कि इसी बीच दिलीप रस्तोगी को भी अचानक दिल का दौरा पड़ गया।

अपने जीजा पंकज रस्तोगी की मौत के ठीक आधे घंटे बाद ही दिलीप रस्तोगी ने भी दम तोड़ दिया। कुछ घंटों के अंतराल में ही रस्तोगी परिवार में दो चिताएं जलीं। नियति ने इस परिवार के लिए आगे ऐसा ही कुछ और रचा हुआ था। संगीता रस्तोगी का मायका मुरादाबाद में था और आरती नानकमत्ता की रहने वाली थीं। अक्सर दोनों परिवार इन रिश्तेदारियों में जाते रहते थे।

परिवार शनिवार रात डेढ़ बजे भी इसी रिश्तेदारी में जाने के निकले लिए तो रास्ते में सामना मौत से हो गया। एक साथ अपने सुहाग गंवाने वाली संगीता और आरती भी एक साथ काल का ग्रास बन गईं।

अपने जीजा पंकज रस्तोगी की मौत के ठीक आधे घंटे बाद ही दिलीप रस्तोगी ने भी दम तोड़ दिया। कुछ घंटों के अंतराल में ही रस्तोगी परिवार में दो चिताएं जलीं। नियति ने इस परिवार के लिए आगे ऐसा ही कुछ और रचा हुआ था। संगीता रस्तोगी का मायका मुरादाबाद में था और आरती नानकमत्ता की रहने वाली थीं। अक्सर दोनों परिवार इन रिश्तेदारियों में जाते रहते थे।

अतुल ने घर पर दी हादसे की सूचना
आरती के बेटे अतुल ने हादसे के बाद अपने घर पर सुबह के वक्त इस हादसे की सूचना दी। उसके बाद किसी को समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। आनन-फानन में पंकज रस्तोगी के छोटे भाई और अन्य परिवार वाले भी मुरादाबाद के लिए रवाना हो गए। परिवार के सदस्यों ने बताया, चारों के शवों को हरिद्वार लाया गया है। वहीं अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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