
बदायूं और कासगंज जिले को जोड़ने वाला कछला पुल।
उझानी। बदायूं और आंवला लोकसभा क्षेत्र के कई गांव गंगा किनारे की कटरी से जुड़े हैं। इस ओर हमारे जिले की सीमा है तो गंगा पार कासगंज जिले में भी तीसरे चरण में मतदान होगा, लेकिन पड़ोसी जिले की तरफ से घुसकर कोई भी खुराफाती चुनावी माहौल को प्रभावित नहीं करे, इसलिए मतदान वाले दिन गंगा किनारे के इलाके में पुलिस का पहरा रहेगा।
तीसरे चरण में सात मई को जिन लोकसभा क्षेत्र के लिए मतदान होना हैं, उनमें गंगा किनारे से जुड़े संसदीय क्षेत्र बदायूं, आंवला और एटा भी शामिल हैं। एटा लोकसभा क्षेत्र में कासगंज जिला भी आता है। कासगंज और बदायूं जिले की सीमा एक- दूसरे से सटी हैं। कादरचौक थाना क्षेत्र के कई गांव आंवला लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं तो कोतवाली क्षेत्र में कछला के आसपास के गांव बदायूं लोकसभा क्षेत्र में आते हैं। तीनों सीटों पर मतदान एक दिन होने की वजह से पड़ोसी जिले कासगंज और एटा से भी खुराफाती गंगा पार आकर मतदान प्रभावित कर सकते हैं।
इसी के मद्देनजर पुलिस की ओर से गंगा किनारे के हालात पर विशेष नजर रखने के लिए जो व्यवस्थाएं की हैं, उसके तहत मतदान से दो दिन पहले ही कछला से कादरचौक और सहसवान की ओर मोटर वोट के जरिए पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया जाएगा। इसे लेकर प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र में कासगंज जिले के बॉर्डर पर बेरियर लगाकर चेकिंग शुरू करा दी गई है। मतदान से दो दिन पहले गंगा में मोटर वोट के जरिये नजर रखी जाएगी। ताकि गंगा पार करके आपराधिक प्रवृति का कोई भी व्यक्ति बदायूं जिले की सीमा में प्रवेश न कर पाए।
अवैध शराब के धंधेबाजों पर हो रही कार्रवाई
कटरी से जुड़े गांव ननाखेड़ा, चंदनपुर, अमीरगंज, पिपरौल, सराय स्वाले, खजुरारा आदि के जंगल में पिछले सालों में अवैध शराब बनाने के मामले सामने आ चुके हैं। अवैध शराब की गंगापार कासगंज जिले के गांवों में सप्लाई होती रही है, यह पुलिस भी जानती है। पुलिस ने डेढ़ महीने के दौरान अवैध शराब के एक दर्जन मामले पकड़े। अवैध शराब बरामद कर धंधेबाजों को गिरफ्तार भी किया गया। चुनाव के दौरान अवैध शराब का प्रचलन बढ़ जाता है।

























