बिल्सी।’कौन कहता है बादलों में छेद नहीं हो सकता’ ‘एक पत्थर तो तबीयत से उछल कर देखो यारो’ यह कहावत बिल्सी के वार्ष्णेय समाज के युवा गल्ला कारोबारी दिनेश वाष्र्णेय डीडी ने चरितार्थ करके दिखा दिया है। गत 11 अप्रैल अक्रूर जी महाराज की जयंती के कार्यक्रम में श्री वाष्र्णेय ने बिल्सी में वार्ष्णेय समाज की धर्मशाला के निर्माण को अपनी वेशकीमती ज़मीन में से दो बीघा ज़मीन दान करने की घोषणा कर दी है। बहीं धर्मशाला के पास ही उन्होंने एक बीघा जमीन खाटू श्याम मंदिर के निर्माण हेतु दान में देने की घोषणा की है।
विदित रहे की बिल्सी में वार्ष्णेय समाज की अच्छी खाशी आवादी होने के बावजूद समाज के कार्यक्रमों के लिये कोई बड़ी धर्मशाला नहीं है जहां 500 लोगों का कोई कार्यक्रम हो सके। कहने को तो बीच शहर के मोहल्ला नंबर दो में एक छोटी सी धर्मशाला पिछले एक लंबे अरसे से संचालित है जिसमें 100 लोगों का कार्यक्रम भी बहुत घिचपिच के साथ हो पाता है,लेकिन यहां कोई भी बड़ा सामाजिक या वैवाहिक कार्यक्रम नहीं हो पाता है ।समाज के लोगों ने अनेक बार भूमि खरीद कर नया वार्ष्णेय धर्मशाला बनाने की योजना बनाई पर वो कभी मूर्त रूप न ले सकी।
इस बार की अक्रूरजी जयंती पर नगर में डबल डी के नाम से विख्यात इस युवा उद्यमी दिनेश वार्ष्णेय ने समाज को ज़मीन दान देकर वर्षों से समाज की अभिलाषा को पूरी करने की उम्मीद जगा दी है । श्री वार्ष्णेय विगत कई वर्षों से समाज सेवा के कार्य में बढ़ चढ़ कर सहयोग कर रहे हैं।विगत 29 मार्च 2023 को निर्धन एवं गरीब वर्ग के लोगो के लिये नगर में अन्नपूर्णा रसोई का शुभारंभ किया गया था जिसमें उन्होंने बढ़-चढ़कर सहयोग किया । श्री वाष्र्णेय ने बताया कि दान की भूमि को जल्द समाज के लिए हस्तांतरित किया जाएगा जिसके बाद आर्किटेक्ट की देखरेख में भव्य भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि मेरी सम्पत्ति का कुछ हिस्सा मेरे समाज के काम आ रहा है, इस कार्य के सम्पन्न हो जाने पर मुझे आत्मिक संतुष्टि का एहसास होगा।आगे भी मेरा प्रयास रहेगा कि समाज के लिये में जिस लायक भी हूँ उसकी सेवा कर सकूं।
वैसे तो बिल्सी में वार्ष्णेय समाज के लोगों को बड़े गल्ला कारोबारी के रूप में जाना जाता है, इस समाज के शहर में कई कोल्ड स्टोरेज पेट्रोल पंप ,ईंट भट्ठे सर्राफा के व्यापार हैं।लेकिन इसके बाद भी समाज के कार्यक्रम के लिये कोई यथा योग्य स्थान न होना काफी खलता था।दिनेश वार्ष्णेय के इस नेक कार्य के लिए जहां वार्ष्णेय समाज संस्थाओं भूर भूर प्रशंसा कर रहा है वहीं अन्य समाज के लोग भी धर्मशाला व खाटूश्यामजी के मंदिर निर्माण के लिये ज़मीन दान देने की घोषणा की ज़मकर तारीफ़ करते नज़र आ रहे हैं।

























