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बदायूँ जनपद का एक पूरा गांब है “बिकाऊ”, बजह जान रह जायेंगे आप हैरान…पढ़े पूरी खबर विस्तार से ….

बदायूँ 21 वीं सदी का जबरदस्त विकास, विकास से पहले जिस गांब की दूरी 1 किलोमीटर थी विकास होने के बाद अब उसी गांव जाने की दूरी 6 किलोमीटर हो गईं है। यह विकास हुआ है जनपद बदायूँ के एक गांव का , मामला जनपद की तहसील बिसौली के इस्लामनगर विकास खण्ड क्षेत्र के गांव चंदोई का एक मजरा है जिसका नाम है ” कपरोल ” जो आजकल सुर्ख़ियों में बना हुआ है।

यह गांव सुर्खियों में कियूं है आइए जानते हैं इसका कारण – इस गांव की आवादी 2 से 3 हजार के बीच बताई जा रही है इस गांव के वासियों ने अपने गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में अपने पूरे गांव के सभी मकान खेती बाड़ी की ज़मीन को बेचने के बड़े बड़े पोस्टर लगा रखे हैं, इस पोस्टर पर गांव के नाम के आगे लिखा गया है कि यह पूरा गांव बिकाऊ है। इन पोस्टर्स के फोटो को किसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर कर दिया। जिसके बाद गांव एकाएक सुर्खियों में आ गया है।

इस मामले का मीडिया ने संज्ञान लेते हुए बजह जानने का प्रयास किया।मीडिया को गांव वासियों ने बताया कि उनके गांव के पास से गंगा एक्सप्रेस वे बन रहा है यह अच्छी बात है और खुशी की भी बात है यह हमारे प्रदेश देश व जिले एवं गांव के विकास के लिये जरूरी भी है।लेकिन इसका मतलब यह तो नहीं होना चाहिए कि विकास के नाम पर एक पूरी गांव की आबादी के आने जाने का मुख्य मार्ग ही बंद कर दिया जाये। इस गंगा एक्सप्रेस वे के बन जाने से इन गांव वासियों के सामने बड़ी विकट समस्या उत्पन्न हो गई है,

यह गांव इस्लामनगर चंदौसी मार्ग पर पढ़ने वाले गांव चँदोई का मझरा है जो इस गांव के संपर्क मार्ग से एक किलोमीटर अन्दर की दूरी पर है। कहने को तो विकसित भारत के इस नए प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेस वे को जनसुविधा को सुगम बनाने के लिये तैयार किया जा रहा है बताया जा रहा है कि इसके बन जाने से दिल्ली से बनारस तक सफर बहुत आसान हो जाएगा साथ ही इसके बन जाने से इन दो बड़े शहरों की दूरी भी कम हो जाएगी जिससे समय की बचत होगी।लेकिन यह विकास कपरोल गांव के लिये अभिशाप बन गया है भले ही इस एक्सप्रेस वे के बन जाने से हजार किलोमीटर की दूरी सैकड़ों में हो जाये पर इस एक्सप्रेस वे के कारण इस गांव से चँदोई की दूरी 1 किलोमीटर से बढ़कर 6 किलोमीटर हो गई है।

अब इस गांव के ग्रामीणों को मुख्य मार्ग चँदोई एवं इस्लामनगर अथवा चंदौसी आदि स्थानों को जाने के लिए 1 किलोमीटर का रास्ता 6 किलोमीटर दूरी तय करके चंदौई जाना पड़ रहा है,इस समय गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से चल रहा है ऐसे में दोनों गांव के बीच आवा गमन का रास्ता बंद हो गया है जिस कारण ग्रामीणों को चँदोई जाने के लिये अब नगला सिधौली होते हुए 1 किलोमीटर का रास्ता 6 किलोमीटर दूरी तय करके जाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने परेशान होकर कई बार गंगा एक्सप्रेसवे के अधिकारियों से रास्ता खुलवाने की मांग की लेकिन उन्होंने उनकी समस्या को अनसुना कर दिया। प्रधान अनुपमा सिंह ने स्वदेश केसरी को बताया कि शासन को कई बार लिखित शिकायत भी की गई बावजूद इसके हताशा ही हाथ लगी मजबूरी में ग्रामीणों ने पोस्टर अभियान चलाकर गांव के चारों ओर कपरोल गांव बिकाऊ है के पोस्टर चश्पा कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है की हमारी इस विकट समस्या के समाधान के लिये कोई भी क्षेत्रीय प्रतिनिधि सामने नहीं आ रहा है । ग्रामीणों ने धमकी दी है कि आगामी लोकसभा चुनाव में हम भी जनप्रतिनिधियों को इसका माकूल जवाब देंगे।

अब यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि ग्रामीणों की इस समस्या को सरकार गम्भीरता से लेती है या 21 वीं सदी के इस विकास को इन ग्रामीण परिवारों के लिये अभिशाप बनाकर छोड़ देगी।

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