
माता-पिता के साथ घर के दरवाजे पर खड़ा राकेश यादव
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बांदा जिले के अतर्रा में उपनिरीक्षक का प्रशिक्षण पूरा करने बाद घर लौटे युवक का ग्रामीणों ने बैंडबाजे के साथ स्वागत किया। उसे फूल मालाओं से लाद दिया। बेटे ने पीकैप उतारकर पिता को पहना दी। कहा इसके असली हकदार आप ही हैं। अतर्रा के खम्हौरा गांव में कच्चा मकान, जीविका का साधन महज खेती किसानी। ऐसे परिवार में जन्में बेटे राकेश यादव ने यूपी पुलिस में उप निरीक्षक बनने की ठानी और बिना कोचिंग व संसाधनों के उसने घर पर ही दिनरात मेहनत की।
2021 की भर्ती में उसका चयन हो गया। 12 मार्च 2023 को वह टे्रनिंग पर सुल्तानपुर चला गया। प्रशिक्षण पूरा कर जब वह घर लौटा तो ग्रामीणों ने उसका बैंडबाजे के साथ स्वागत किया। फूल मालाओं से लाद दिया। घर पहुंचने पर बेटे ने सिर से पीकैप निकाली और बेटे के इंतजार में खडे़ पिता बुद्ध विलास को पहना दी। मां के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
राकेश ने कहा कि इस सम्मान के असली हकदार में मेरे माता पिता है। जिन्होंने तंगहाली के इस माहौल में आगे बढऩे की प्रेरणा दी। पिता के प्रेरणा से उसने दिनरात मेहतन कर इस सफलता को प्राप्त किया। कहा कि लक्ष्य यदि अडिग है तो सफलता अवश्य मिलती है। उसने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अतर्रा हिंदू इंटर कालेज से की। पीजी कालेज से परास्नातक किया।

























