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- अरविंद केजरीवाल ईडी समन अपडेट; एवेन्यू कोर्ट | दिल्ली शराब नीति घोटाला
नई दिल्ली5 मिनट पहले
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इसी साल अप्रैल में शराब नीति केस में अरविंद केजरीवाल से CBI ने अपने ऑफिस में करीब साढ़े 9 घंटे तक पूछताछ की थी।
शराब नीति घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पेशी होगी। ED की याचिका पर कोर्ट ने उन्हें 7 मार्च को समन जारी किया था।
केजरीवाल को ED अब तक 8 समन जारी कर चुकी है। केजरीवाल एक बार भी एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए। इसके बाद जांच एजेंसी ने कोर्ट में केजरीवाल के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज करवाईं।
मामले को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट में शुक्रवार (15 मार्च) को सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने फिर केजरीवाल को पेश होने के लिए कहा। दरअसल, दिल्ली सीएम ने व्यक्तिगत तौर पर न पेश होने के लिए छूट मांगी थी।

केजरीवाल के वकील बोले- CM ने ED के हर समन का जवाब दिया
कोर्ट में 15 मार्च को स्पेशल जज (CBI) राकेश सयाल की सिंगल बेंच में ED की तरफ से ASG एसवी राजू पेश हुए। वहीं, केजरीवाल के वकील सीनियर एडवोकेट रमेश गुप्ता और एडवोकेट राजीव मोहन रहे। केजरीवाल के वकीलों ने कहा कि दिल्ली सीएम ने ED के हर समन का जवाब दिया है। मुख्यमंत्री के रूप में उनकी जिम्मेदारी की वजह से वो ED के सामने पेश नहीं हो सके। ED ने कोर्ट में शिकायत करने से पहले केजरीवाल को कारण बताओ नोटिस भी नहीं दिया।
दिल्ली CM जब 2 फरवरी को 5वें समन के बाद पूछताछ के लिए नहीं आए थे, तब ED ने राउज एवेन्यू कोर्ट में याचिका लगाई थी। केजरीवाल दिल्ली विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और बजट सेशन के कारण 14 फरवरी को कोर्ट में वर्चुअली पेश हुए थे। कोर्ट ने इसके बाद अगली सुनवाई के लिए 16 मार्च की तारीख तय की थी।
केजरीवाल को ED ने 8 समन भेज चुकी है
शराब नीति घोटाला मामले में ED अरविंद केजरीवार को अबतक 8 समन भेज चुकी है। केजरीवाल को 27 फरवरी, 26 फरवरी, 22 फरवरी, 2 फरवरी, 17 जनवरी, 3 जनवरी, 21 दिसंबर और 2 नवंबर को समन भेज गया था। हालांकि, वे एक बार भी पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए हैं।

ED को गिरफ्तारी का अधिकार
CM केजरीवाल के बार-बार पेश नहीं होने पर ED उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर सकती है। उसके बाद भी पेश नहीं हुए तो धारा 45 के तहत गैर जमानती वारंट जारी कर सकती है।
प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के जानकार बताते हैं कि पेश नहीं हो पाने की ठोस वजह बताई जाती है तो ED समय दे सकती है। फिर दोबारा नोटिस जारी करती है। PMLA में नोटिस की बार-बार अवहेलना पर गिरफ्तारी हो सकती है।
अगर CM केजरीवाल आगे भी पेश नहीं होते हैं तो जांच अधिकारी आवास पर जाकर पूछताछ कर सकते हैं। ठोस सबूत होने पर या सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर सकते हैं।
वहीं, केजरीवाल वारंट जारी होने के बाद कोर्ट जा सकते हैं और अपने एडवोकेट की मौजूदगी में जांच में सहयोग करने का वादा कर सकते हैं। इस पर कोर्ट ED को उन्हें गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दे सकता है।
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दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने CM अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार (7 मार्च) को समन भेजा। ED ने बुधवार (6 मार्च) को कई समन नजरअंदाज करने के आरोप में केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चलाने की मांग की थी। पूरी खबर पढ़ें
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आखिरकार ED के 8वें समन पर उसके सवालों का जवाब देने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने 2 शर्तें रखी हैं। पहली- पूछताछ की तारीख 12 मार्च के बाद हो, दूसरी- बातचीत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो। ED अब तक केजरीवाल को 8 समन जारी कर चुकी है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, ‘हमारा स्टैंड वही है, समन गैर कानूनी है। दरअसल, इनका मकसद पूछताछ नहीं, बल्कि अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करना है।’ पूरी खबर पढ़ें…

























