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बदायूं में बच्चों की हत्या: इंसानियत और भरोसे के कत्ल से हर कोई हैरान, पहले चाय पी और फिर भरोसे का कत्ल कर डाला, सुनें पूरी कहानी परिजनों की जुबानी।

‘पत्नी बीमार है, 5000 रुपये दे दीजिए’, बदायूं में डबल मर्डर से पहले बच्चों की मां से मांगी थी मदद,साजिद के एनकाउंटर से पहले की पूरी कहानी

बदायूं के सिविल लाइंस की बाबा कॉलोनी में मंगलवार शाम एक नाई ने घर में घुसकर तीसरी मंजिल पर खेल रहे दो मासूमों की उस्तरे से गला रेतकर हत्या कर दी। दोनों बच्चे सगे भाई थे। आरोपी ने मझले भाई पर भी हमला किया लेकिन वह बचकर भाग निकला। मासूम बच्चों की हत्या की खबर फैली तो गुस्साई भीड़ ने तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी। उधर, पुलिस ने घंटे भर में आरोपी की घेराबंदी की और एनकाउंटर में उसे मार गिराया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बदायूं में शांति है।

जिलाधिकारी, SSP, सीओ सिटी शहर में घूम घूम कर स्थिति पर रख रहे नज़र।

बुधवार की सुबह पुलिस ने फ्लैग मार्च कर जनता को सुरक्षा व्यवस्था और मुस्तैदी का संदेश दिया। मृतक बच्चों के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इस बीच मासूम बच्चों के पिता ने अपने बच्चों के कत्ल पर हैरानी जताई है। उनका कहना है कि कातिल नाई साजिद से उनका कोई लेना-देना नहीं था। वह कभी-कभार वहां बाल कटाने जाते थे। साजिद ने इतना बड़ा कांड क्यों किया यह उनकी समझ में नहीं आ रहा है। पुलिस भी अभी तक घटना की वजह नहीं बता सकी है।बदायूं के एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने बुधवार की सुबह कहा कि शहर में अब कानून-व्यवस्था बिल्कुल सामान्य है। कोई दिक्कत नहीं है। जिले में ह जगह स्थिति सामान्य है। हम सोशल मीडिया नजर बनाए हुए हैं।

बदायूं में डबल मर्डर के आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले बच्चों की मां से आर्थिक मदद मांगी थी. आरोपी ने कहा था कि उसकी पत्नी बीमार है, इसलिए उसे पांच हजार रुपये दे दीजिए. हालांकि पति से फोन पर बात करने के बाद उन्होंने साजिद को रुपये दे दिए थे.

उत्तर प्रदेश के बदायूं में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक शख्स ने तीन बच्चों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. इसमें दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि तीसरा बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस ने आरोपी साजिद को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है.यह घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की बाबा कॉलोनी की है. मंडी पुलिस चौकी से चंद कदमों दूर ही वारदात को अंजाम दिया गया. मंगलवार देर शाम साजिद नाम का शख्स अपनी दुकान के सामने वाले विनोद सिंह के घर पहुंच कर विनोद की पत्नी से पांच हजार रुपयों की मांग की थी।

बच्चों की मां ने क्या बताया?

बच्चों की मां संगीता ने बताया, “मैं अपने घर में ही कॉस्मेटिक की दुकान चलाती हूं और उसके ऊपर मेरी पॉर्लर की दुकान है. साजिद शाम को घर आया और उसने उनसे पहले क्लेचर मांगा जो कि उसने दे दिया फिर उसने कुछ देर बाद आकर पत्नी की डिलीवरी होने को है कहकर 5000 रुपये की मदद मांगी. मैंने अपने पति से बात करके उसको 5000 रुपये दे दिए. उसके बाद उसने कहा कि उसकी तबीयत थोड़ी सही नहीं लग रही है और ऐसा कहते हुए पार्लर देखने की कहकर वो घर में ऊपर चला गया.

पिता बोले- हैरान हूं ऐसा क्यों किया
बदायूं में अपने दो मासूम बच्चों के कत्ल पर पीड़ित पिता
ने हैरानी जताई है। उनका कहना है कि कातिल नाई से उनका कोई लेना-देना नहीं था। उसने इतना बड़ा कांड क्यों किया यह उन्हें समझ नहीं आ रहा है।

बाबा कॉलोनी निवासी विनोद ठाकुर जल जीवन मिशन योजना में संस्थागत ठेकेदार हैं। उन्होंने कहा कि वह काम के सिलसिले में ज्यादातर बाहर रहते हैं। घटना के वक्त घर में उनकी मां मुन्नी देवी, पत्नी संगीता, बेटा आयुष (उम्र 12 वर्ष), पीयूष (10 वर्ष) और आहान (6 वर्ष) थे। तीनों बच्चे तीसरी मंजिल पर खेल रहे थे और महिलाएं घर में थीं। घर के सामने ही मझिया रोड पर जाबिद और उसका भाई साजिद दोनों भाइयों ने दुकान बंद कर उनके घर पहुंच गया।
साजिद ने विनोद की पत्नी संगीता से चाय मांगी। इसके बाद वह तीसरी मंजिल पर चला गया। वहां उसने तीनों बच्चों को मार डालने की कोशिश की । छुरी से गला काटकर आयुष और आहान की हत्या करने में वह कामयाब भी हो गया । मझला भाई पीयूष भी हमले में जख्मी हो गया । वह शोर मचाते हुए वहां से भाग निकला। पीयूष ने नीचे जाकर घटना के बारे में मां (संगीता) को जानकारी दी। संगीता ने अपनी सास को ऊपर से ही चिल्लाते हुए बाहर भागने को कहा ,तब तक उसकी सास की नज़र भी जीने से उतर रहे हाथ मे चाकू लिये खून से सने साज़िद पर पड़ चुकी थी,उन्होंने घर के बहार दौड़ कर बाहर से दरवाजा बंद कर मदद के लिये शोर मचाना शुरू कर दिया।यह सब देख घर के बहार मोटरसाइकिल पर तैयार खड़ा दूसरा आरोपी जावेद मौके से भाग खड़ा हुआ।शोर सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।किसी ने इसकी सूचना तत्काल पास की पुलिस चौकी को दे दी, पुलिस ने मौके पर पहुंच कर आरोपी साज़िद को गिरफ्तार कर पुलिस चौकी ले गई।

घटना की खबर जैसे ही लोगों के बीच फैली लोगों में तनाव फैल गया ,मामला दो अलग अलग समुदाय से जुड़ा होने के कारण कुछ ही देर में स्थिति बिगड़ने लगी। आक्रोशित भीड़ ने इलाके के उसके सैलून में तोड़फोड़ कर चौकी के सामने आगजनी कर दी।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तत्काल हरकत में गई। पूरे शहर में पुलिस को सतर्क कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।उधर कुछ ही घण्टों में घटे घटनाक्रम में पुलिस ने आरोपी साज़िद को एनकाउंटर में ढेर कर दिया और उसके पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार भी साजिद के पास से मिल गया ।

वहीं मृतक बच्चों के परिवार ने एफआईआर में आरोपी के भाई जावेद का भी नाम लिया है। उसकी तलाश में टीमें काम कर रही हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एसएसपी ने बताया कि साजिद और जावेद का स्थानीय स्तर पर कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। परिवार के लोगों ने बताया है कि आरोपी ने मृतक बच्चों पिता से 5,000 रुपये मांगे थे। रुपए उसे मिल गए थे। उसने यह घटना क्यों की यह पता लगाने के लिए जांच जारी है।

हैवान बने आरोपी साजिद ने पहले संगीता से घर पहुंच कर 45 रुपये का सामान खरीदा। जिसके बाद आरोपी ने अपनी पत्नी की महिला जिला अस्पताल में डिलीवरी होने का हवाला देते हुए पांच हजार रुपए उधार लिये। फिर घर में ऊपर छत पर जाकर बच्चों को काट डाला।


बदायूं में लोकसभा चुनावों होली के त्यौहार व रमज़ानों के मद्देनजर नज़र पुलिस पहले से ही अलर्ट पर थी इस लिये इस घटना के होते ही पुलिस बहुत तेज़ी से स्थिति को संभाल लिया। शहर शांति व्यवस्था के लिये भारी पुलिस बल तैनात है। जिले के बरिष्ठ अधिकारी लगातार घूम घूम कर चप्पे चप्पे पर नज़र रख रहे हैं। हालांकि एक आरोपी साजिद की मुठभेड़ में मारे जाने की खबर की खबर से लोगों का गुस्सा थोड़ा कम हुआ है। एसएसपी आलोक प्रियदर्शी, आईजी बरेली रेंज राकेश कुमार भी मौके पर पहुंच कर डटे रहे। भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कोई असामाजिक तत्व व हरकत ना कर पाए।

तंत्र विद्या के चक्कर में तो नहीं कर दिए कत्ल:
चर्चा है कि नाई साजिद ने बच्चों पर ही हमला किया। उसने संगीता को बताया भी था कि 5 बच्चे उसके पैदा होने के बाद मर चुके है। कोई बच्चा जीवित नहीं रहता। अब फिर पत्नी की डिलीवरी जिला महिला अस्पताल में होगी। जिसके खर्चे की मुसीबत की बात कहते हुए उधार लिए। और दोनों बच्चों के मार डाला। पुलिस अब तक दोहरे हत्याकांड की क्या वजह रही इसकी पड़ताल नही कर सकी है जिसके कारण लोगों में तरह-तरह की चर्चा होना लाजिमी है।
मंगलवार और बुधवार की रात पीड़ित मृतक बच्चों के परिवार के लिए मनहूस रात ही होगी,जब पोस्टमॉर्टम हाउस की मोर्चरी में संगीता के दो बेटों के शव के साथ ही कातिल साजिद का शव भी रखा हुआ था। दोनों बच्चों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही यह पता चलेगा कि कातिल ने कितनी बेहरमी से उन्हें मारा, शरीर पर कितने चाकूओं से जख्म दिए ।
घर की दीवारों पर लगे जगह-जगह खून के निशां बयां कर रहे हैं कि हैवान साज़िद ने हैवानियत की हदें पार करते हुए दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया होगा।


पुलिस एवं मृतक बच्चों की मां के बयानों में विरोधाभास
मां का साफ तौर पर कहना है कि आरोपी साजिद अंदर और जावेद बहार बैकअप के लिये मोटरसाइकिल लेकर तैयार खड़ा था , जबकि बदायूं SSP आलोक प्रियदर्शी और आईजी राकेश कुमार सिर्फ एक ही आरोपी साजिद का ही नाम बता रहे है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि कुछ तो है जिसे पुलिस छुपा रही है या फिर वह अभी पूरे मामले से अंजान है।

हैवान बने आरोपी साजिद ने पहले संगीता से घर पहुंच कर 45 रुपये का सामान खरीदा। जिसके बाद आरोपी ने अपनी पत्नी की महिला जिला अस्पताल में डिलीवरी होने का हवाला देते हुए पांच हजार रुपए उधार मांगे। बोला मेरे 5 बच्चे हुई लेकिन कोई जीवित नहीं रहता है। उसकी परेशानी सुनकर संगीता ने पति विनोद को आरोपी द्वारा उधार रुपये मांगने की बात फोन कॉल पर बताई। पति विनोद ने संगीता से रुपये देने के लिए बोल दिया जिसके बाद आरोपी को संगीता ने रुपये दे दिए ।

वहीँ आरोपी साजिद की मां ने भी पीड़ित परिवार के प्रति सहानभूति जताई है. मुठभेड़ में मारे गए साजिद की मां का कहना है कि वह पीड़ित परिवार के लिए संवेदना महसूस करती है. वहीं बेटे के एनकाउंटर पर साजिद की मां ने कहा कि उसके बेटे को वही मिला जिसका वह हकदार था.
“बेटों के दिमाग में क्या चल रहा था, नहीं पता”
बदायूं पुलिस के मुताबिक बच्चों की हत्या के बाद साजिद पुलिस पर गोली चलाकर भागने की कोशिश कर रहा था. उसी दौरान उसे मुठभेड़ में मार गिराया गया. हालांकि उसका भाई और मामले में सह-आरोपी जावेद फरार है. साजिद की मां नाजिन का कहना है कि उन्हें इस बात का कोई अंदाज़ा नहीं है कि किस वजह से उनके बेटों ने इस निर्मम अपराध को अंजाम दिया. उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि उनके दिमाग में क्या चल रहा था. दोनों ने नाश्ता किया और करीब 7 बजे घर से निकल गए. मुझे नहीं पता कि क्या हुआ. घर पर कोई तनाव नहीं था.”

“पीड़ित परिवार के प्रति मेरे दिल में संवेदना”
साजिद की मां ने बताया कि दोनों बेटे काफी समय से विनोद और संगीता के पड़ोस में अपनी नाई की दुकान चला रहे थे. उन्होंने कहा, “उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. अगर हम इलाके से कुछ भी खरीदते थे, तो वे उसे हमारे घर पहुंचा देते थे.” नाजिन ने कहा कि वह पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना रखती हैं और उनके बेटे साजिद को अपनी करनी का परिणाम भुगतना पड़ा है. उन्होंने कहा, “अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया होता तो उन्हें यह सब नहीं भुगतना पड़ता. उसके साथ जो हुआ वह सही है. अगर आप अपराध करेंगे तो भुगतना भी पड़ेगा.”

गर्भवती नहीं थी साजिद की पत्नी, मां का खुलासा
साजिद की मां ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती नहीं है “उनके दो बच्चे थे, लेकिन वे मर चुके हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनका दूसरा बेटा जावेद कहां है, वह नहीं जानती कि जावेद कहां है. बता दें कि बच्चों की हत्या करने से पहले साजिद उनके घर पत्नी के गर्भवती होने का हवाला देकर 5 हजार रुपए मांगने पहुंचा था. साजिद ने बच्चों की मां संगीत से कहा था कि उसकी पत्नी की डिलीवरी होने वाली है और उसे 5,000 रुपये उधार चाहिए. संगीता ने बताया कि साजिद के लिए उसने चाय बनाई. उसके बाद साजिद उसके बेटों को छत पर ले गया और उनका गला काट दिया. उसने तीसरे बच्चे पीयूष पर भी हमला किया, लेकिन वह समय रहते भागने में सफल हो गया.

“साजिद के साथ कोई विवाद नहीं था”
परिवार ने बताया कि बच्चों की हत्या करने के बाद साजिद और जावेद मौके से फरार हो गए. बाद में साजिद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. घटना के बाद गुस्साए स्थानीय निवासियों ने उसकी नाई की दुकान में आग लगा दी. वहीं बच्चों के पिता विनोद का कहना है कि उनका साजिद के साथ कोई विवाद नहीं था. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब जावेद की तलाश कर रही है. साजिद के पिता से भी पूछताछ की जा रही है.
उत्‍तर प्रदेश के बदायूं में डबल मर्डर की घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। मौके पर भारी फोर्स तैनात है। दो बच्‍चों का हत्‍यारोपी साजिद पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया है। अपने जिगर के टुकड़ों को खोने के बाद बदहवास मां संगीता का कहना है कि पुलिस जल्‍द ही दूसरे आरोपी जावेद का भी एनकाउंटर करे। तभी मुझे न्‍याय मिलेगा। 11 और 9 साल के बच्‍चों की नृशंस हत्‍या के बाद मोहल्‍ले में मातम छाया हुआ है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित परिवार ने इस पूरे घटनाक्रम को टोने-टोटके से जोड़ा है। उन्‍होंने आरोप लगाया है कि साजिद ने हत्‍या कर बच्‍चों का खून भी पिया। उसके मुंह पर मांस के लोथड़े लगे हुए थे। पुलिस इन आरोपों की छानबीन कर रही है। बच्‍चों के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगा हुआ है।बदायूं में दो बच्‍चों की हत्‍या के बाद तनावपूर्ण शांति का माहौल है
बच्‍चों के घर के सामने पुलिस का पहरा, भारी फोर्स की तैनाती
मां संगीता का कहना है कि पुलिस जावेद का भी एनकाउंटर करे


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