
गंगा स्नान के दौरान लगे जाम से होकर पैदल निकलते श्रद्धालु। संवाद
उझानी। माघ पूर्णिमा पर भारी वाहनों का रूट डायवर्ट नहीं किया गया। नतीजतन श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की बेतरतीब आवाजाही ने पांच घंटे तक बरेली-मथुरा हाईवे जाम कर दिया। इसमें रोडवेज बसें और ट्रक भी फंसे। हालांकि इस दौरान पुलिस कर्मियों ने वाहनों को जाम से निकालने का भरसक प्रयास किया।
पुलिस ने श्रद्धालुओं के वाहनों को पार्किंग स्थल की ओर मोड़ दिए जाने की व्यवस्था जीबी पंत महाविद्यालय के पास से की थी। चूंकि महाविद्यालय बरेली-मथुरा हाईवे पर स्थित है, सो पार्किंग स्थल से बाहर निकलने और उस ओर जाने के दौरान श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां फंस गईं। इसके बाद वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ तो जाम का माहौल बन गया। पुलिस ने उस वक्त तो हालात पर काबू पा लिया, लेकिन नौ बजे के करीब जाम लगना शुरू हो गया। देखते ही वाहनों की लंबी कतार लग गई।
यह देख पुलिस कर्मियों के हाथ-पैर भी फूल गए। जाम में फंसे वाहनों की कतार इस ओर वितरोई मोड़ तो दूसरी तरफ कासगंज जिले की सीमा पार सोरों की पुलिस चौकी तक देखने को मिली। कासगंज जिले की ओर से घाट पर आने वाले वाहनों को रोकने की कोशिश भी नहीं गई। हालांकि वितरोई मोड़ के पास भारी वाहनों में खासकर ट्रकों को रोक दिया गया, फिर भी पुलिस को आवागमन सुचारू कराने में करीब पांच घंटे लग गए। चश्मदीद श्रद्धालुओं में हरीओम ने बताया कि पुलिस ने रूट डायवर्जन नहीं करके चूक कर दी थी। भारी वाहन दूसरे रूट से होकर निकाले जाते तो जाम नहीं लग पाता।
पुल पार पार्किंग शुल्क वसूली को रोके वाहन
– कछला गंगाघाट पर कासगंज जिले के छोर पर पार्किंग शुल्क वसूली का का ठेका है। ठेकेदार के कारिंदों ने श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों समेत अन्य वाहनों को हाईवे पर ही रोकना शुरू कर दिया। इसके चलते वाहन रोके जाने लगे तो अन्य वाहनों का आवागमन प्रभावित होने लगा। बदायूं-कासगंज जिले की सीमा पर जाम लगने की दूसरी वजह यह भी बताई जा रही है। शुल्क पार्किेग स्थल पर वसूल किया जाता तो आवागमन ज्यादा प्रभावित नहीं होता।

गंगा स्नान के दौरान लगे जाम से होकर पैदल निकलते श्रद्धालु। संवाद

गंगा स्नान के दौरान लगे जाम से होकर पैदल निकलते श्रद्धालु। संवाद

























