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- आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी पीएम मोदी मीटिंग अपडेट | टीडीपी बीजेपी गठबंधन
नई दिल्ली35 मिनट पहले
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प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी जगन और मोदी के बीच मुलाकात के बारे में X पर पोस्ट किया है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार 9 फरवरी को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सूत्रों ने दावा किया है कि CM जगन ने आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जा मांगा है। जगन इस मामले पर पहले भी प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के साथ कई बार बैठकें कर चुके हैं।
2019 में CM जगन ने अपने मेनिफेस्टो में आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने का मुद्दा रखा था। इसी आधार पर उन्हें जीत भी मिली थी।
इस मुलाकात के मायने क्या…
आंध्र प्रदेश में कांग्रेस की पकड़ मजबूत हो रही है। वहीं तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के भाजपा के साथ गठबंधन की संभावना बढ़ती जा रही है। इस बीच CM रेड्डी की पीएम मोदी से इस मुलाकात को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले आखिरी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक- सूत्रों ने कहा कि आंध्र के मुख्यमंत्री ने संसद परिसर में प्रधानमंत्री से मुलाकात की और आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा समेत लंबित परियोजनाओं और मांगों पर चर्चा की। दरअसल, विशेष श्रेणी का दर्जा आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों में से एक है। इसके ही कारण जून 2014 में तेलंगाना का गठन हुआ था।
पहले कब-कब मिले CM जगन और PM मोदी

तारीख- 5 जुलाई 2023 नई दिल्ली

तारीख- 5 अप्रैल 2022 नई दिल्ली

तारीख- 3 जनवरी 2022 नई दिल्ली

तारीख- 6 अगस्त 2019, नई दिल्ली
चंद्रबाबू ने की थी शाह-नड्डा से मुलाकात
जगन का दिल्ली दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब TDP प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश में लोकसभा-विधानसभा चुनाव के लिए BJP के साथ संभावित गठबंधन की चर्चा सुर्खियों में है। इस पर बातचीत के लिए चंद्रबाबू शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से कुछ दिनों पहले मुलाकत कर चुके हैं।
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में मई 2024 से पहले लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव एक साथ होने की संभावना है।
विशेष राज्य का दर्जा क्या है…
कुछ राज्यों को केंद्र सरकार विकास के लिए विशेष श्रेणी में रखती है। इसलिए इन्हें विशेष दर्जा प्राप्त राज्य कहा जाता है। हालांकि भारत के संविधान में विशेष राज्य का दर्जा देने का प्रावधान नहीं है। पहली बार 1969 में पांचवें वित्त आयोग की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने असम, नगालैंड और जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया था।
हालांकि इन 3 राज्यों को विशेष राज्य बनाने के बाद कई राज्यों ने इसकी मांग शुरू कर दी। 2019 में कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद से उसका स्पेशल स्टेटस भी वापस ले लिया गया।
फिलहाल 11 राज्य स्पेशल स्टेटस रखते हैं, इनमें असम, नागालैंड, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, उत्तराखंड और तेलंगाना शामिल हैं।
14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के चलते नहीं मिला आंध्र को विशेष दर्जा
14वें वित्त आयोग की रिपोर्ट के बाद स्पेशल स्टेट्स का दर्जा नॉर्थ-ईस्ट और पहाड़ी राज्यों के अलावा किसी और को नहीं मिल सकता है। आंध्र प्रदेश के अलावा बिहार, ओडिशा, राजस्थान व गोवा की सरकारें केंद्र सरकार से विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग कर रही हैं।
14वें वित्त आयोग ने टैक्स डिवोल्यूशन (कर हस्तांतरण) के जरिए ऐसे राज्यों के संसाधन अंतर को 32% से बढ़ाकर 42% करने का सुझाव दिया था।

























